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विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों द्वारा ऑनलाइन ई-कन्टेन्ट तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड कर छात्रों को इसके प्रयोग हेतु प्रेरित किया जाये - डॉ दिनेश शर्मा
April 15, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 15 अप्रैल। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डा0 दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों द्वारा आनलाइन ई-कन्टेन्ट तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड किए जाने तथा छात्रों को इसका प्रयोग करने हेतु निरन्तर प्रेरित किया जाये। विद्यार्थियों के अवशेष पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन पूरा कराते हुए नियमित अन्तराल पर ऑनलाइन टेस्ट कराने तथा छात्रों की जिज्ञासा के समाधान हेतु कार्यवाही की जाय।
     श्री शर्मा आज अपने कार्यालय कक्ष में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों द्वारा आज तक 31,939 ई-कन्टेन्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड किए गए है जिन्हें 2,29,384 विद्यार्थियों द्वारा वेबसाइट पर एक्सेस किया गया है तथा 75,921 ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन किया गया है। जिसमें प्रतिदिन औसतन 80,328 विद्यार्थियां द्वारा प्रतिभाग किया गया है। विश्वविद्यालय, महाविद्यालयों एवं शिक्षकों द्वारा 1683 ऑनलाइन बैठकें की गई तथा विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों ने विभिन्न प्रकार की 44 ऑनलाइन  ट्रेनिंग आयोजित की गई है। 
     डा0 शर्मा ने विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिये कि विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा वार्षिक परीक्षाएं लॉकडाउन आरम्भ होने से पूर्व कई प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी है एवं आंशिक परीक्षाएं अवशेष है जिनका आयोजन लॉकडाउन समाप्त होने के पश्चात न्यूनतम अवधि में अवकाश आदि के दिनों का भी उपयोग करते हुए कराया जाये। इसके साथ ही सोशल डिस्टेन्सिंग के  दिशा-निर्देशों का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाये।
     उपमुख्यमंत्री ने वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत छात्रों के तनाव को कम करने हेतु विषय के प्रश्नपत्रों की संख्या को कम करने, एक ही प्रश्नपत्र के 05 या 06 प्रश्नों के स्थान पर छात्रों से 04 प्रश्नों को हल किए जाने संबंधी पहलुओं को अपनाने पर विशेष बल दिया। साथ ही उन्होंने प्रश्नपत्र की अवधि 03 घण्टे के स्थान पर 02 घण्टा किया जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि 02 पालियों के स्थान पर 03 पालियों में परीक्षा कराये जाने पर विचार किया जाय। सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ ही अवशेष वार्षिक परीक्षाएं भी करायी जाये। आवश्यकता होने पर परीक्षा केन्द्रों की संख्या बढ़ा दी जाय।
     डा0 शर्मा ने कहा कि सेमेस्टर प्रणाली के प्रश्नपत्रों  को ऑनलाइन कराये जाने पर विचार किया जाय। जिन विषयों/प्रश्नपत्रों की परीक्षायें सम्पन्न हो चुकी है। उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सोशल डिस्टेन्सिंग को दृष्टिगत रखते हुए यथाशीघ्र अगले आदेश आने के बाद आरम्भ किया जाये। उन्होंने कहा कि यदि स्थितियां सामान्य रहती हैं तो 3 मई के बाद आगामी परीक्षाओं के साथ ही साथ मूल्यांकन का कार्य भी शुरू कराया जाना चाहिए।