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शिक्षा और शिक्षण व्यवस्था के प्रति प्रदेश सरकार की ढुलमुल नीति आलोचना योग्य - सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी
July 7, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेब वार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 7 जुलाई। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश प्रवक्ता सुरेन्द्र नाथ त्रिवेदी ने शिक्षा और शिक्षण व्यवस्था के प्रति प्रदेश सरकार की ढुलमुल नीति की आलोचना करते हुए कहा कि आज सम्पूर्ण प्रदेश में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।तीन महीने तक निजी स्कूलों और कालेजों के शुल्क के सम्बन्ध में अनिश्चितता की स्थिति रखने के बाद सरकार ने अब स्पष्ट किया कि अभिभावकों को फीस देना होगा।चाहे एक साथ जमा करें अथवा धीरे धीरे परन्तु इसके साथ ही यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि प्रबन्धकों को अप्रैल, मई और जून का वेतन भी देना होगा क्योंकि लगभग नब्बे प्रतिशत निजी प्रबन्ध तंत्र के स्कूलों और कालेजों के शिक्षकों में वेतन सम्बन्धी अनिश्चितता है और उन्हें केवल एक माह का ही वेतन मिला है।                      
         श्री त्रिवेदी ने कहा कि जिस प्रकार देश में प्रवासी मजदूरों को औद्योगिक घरानों ने वेतन नहीं दिया और दर-दर ठोकरें खाने के लिए मजबूर किया उसी प्रकार की स्थिति इन शिक्षकों के साथ हो रही है। लाक डाउन की घोषणा के साथ ही हमारे प्रधानमंत्री ने कहा था कि सभी को वेतन मिलेगा परन्तु कारपोरेट घरानों ने प्रधानमंत्री के आदेशों को हवा में उडा़ दिया।उन घरानों पर कोई कार्यवाही न होने का ही परिणाम है कि सभी निजी क्षेत्रों में शिक्षकों के साथ साथ अन्य कर्मचारियों का उत्पीड़न हो रहा है।सरकार को देखना होगा कि कम वेतन पाने वाले इन शिक्षकों और कर्मचारियों का नुकसान न होने पाए। 
        रालोद प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार सभी जनपदों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को इस सम्बन्ध में स्पष्ट आदेश दे कि वे प्रत्येक स्कूल और कालेज की स्वयं समीक्षा करें ताकि इस दैवीय आपदा की घडी़ में किसी के साथ अन्याय न हो।