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सहकारी गन्ना/चीनी मिल समितियों की कार्यप्रणाली को पूर्ण पारदर्शी बनाने में कृषको को शेयर प्रमाण-पत्र जारी होंगे - संजय आर. भूसरेड्डी
June 20, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 20 जून। प्रदेश के आयुक्त, गन्ना एवं चीनी/निबन्धक, सहकारी गन्ना समितियां एवं चीनी मिल समितियाँ, उत्तर प्रदेश संजय आर. भूसरेड्डी ने बताया कि सहकारी गन्ना/चीनी मिल समितियों की कार्यप्रणाली को पूर्ण पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने के क्रम में अंशधारक कृषक सदस्यों को शेयर प्रमाण-पत्र जारी किये जाने का निर्देश दिये गये  हैं। इन अंश प्रमाण पत्रों का लेखा जोखा रखने के लिये शेयर अंश फीडिंग की व्यवस्था विभागीय ई.आर.पी. पर भी कराये जाने हेतु माॅड्यूल विकसित कराये गये हैं, जिसके क्रम में सभी सहकारी गन्ना समितियों द्वारा ई.आर.पी. माॅड्यूल पर फीडिंग कार्य प्रारम्भ करते हुए 77 प्रतिशत फीडिंग कार्य को पूर्ण कर लिया गया है। 
         उन सभी सदस्यों को जो नियमित सदस्य होने की अर्हता रखते हों तथा न्यूनतम अंश जमा किये हुए एक वर्ष हो गया हो तो उपविधियों में दी गयी व्यवस्था के अन्तर्गत शेयर प्रमाण-पत्र जारी किये जायेंगे। प्रदेश की सभी 169 गन्ना समितियों मे 56.73 लाख पंजीकृत सदस्यों में से 52.96 लाख कुल शेंयर धारक सदस्य है, जिनके द्वारा रू.113.20 करोड़ का अंश जमा किया गया है, जिनमें से 40.71 लाख शेयर धारक सदस्यों के रू.81.07 करोड़ के शेयर अंश का फीडिंग कार्य पूर्ण हो चुका है जो कि 77 प्रतिशत है। इनका वितरण शीघ्र ही प्रारम्भ हो जायेगा।
         श्री भूसरेड्डी ने प्रदेश की सभी 24 चीनी मिल समितियों के विषय में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सभी चीनी मिल समितियों मे कुल अंश धारकों की संख्या 11.28 लाख है जिनके द्वारा कुल रू.160.53 करोड़ अंश धन जमा किया गया है जिनमे से 9.05 लाख सदस्यों को रू.118.26 करोड़ के अंश प्रमाण-पत्रों को वितरण कृषकों को किया जा चुका है, अर्थात 80 प्रतिशत अंशधारकों को अंश प्रमाण-पत्र वितरित किये जा चुके है। शेष अंश प्रमाण-पत्रों का वितरण भी शीघ्र पूर्ण कर लिया जायेगा।
यह भी उल्लेखनीय है कि अंशधारक कृषकों को अंश प्रमाण-पत्र वितरण हेतु अभियान चलाने का निर्णय प्रदेश के इतिहास में प्रथम बार लिया गया है। अंश प्रमाण-पत्र प्राप्त होने पर गन्ना कृषकों का गन्ना समितियोंध्चीनी मिल समितियों की वित्तीय प्रणाली पर विश्वास दृढ़ होगा तथा इससे सभी हित धारक पक्षों को पूर्ण लगन के साथ इन समितियों के सुदृढ़ीकरण हेतु प्रेरणा प्राप्त होगी। - धर्मवीर खरे