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राज्यपाल ने मिशन शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने कि प्रेरणा दी
November 22, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

- राज्यपाल ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा विंध्य क्षेत्र की पेयजल परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग भी किया।
वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ/मुरादाबाद 22 नवंबर। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने अपने एक दिवसीय मुरादाबाद जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत आई0एफ0टी0एम0 यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में आयोजित मिशन शक्ति कार्यक्रम के अन्र्तगत महिलाओं से संवाद स्थापित किया तथा कोविड संक्रमण के नियंत्रण में उल्लेखनीय योगदान करने वाली महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। राज्यपाल महोदया मुरादाबाद सर्किट हाउस में ओडीओपी टूल किट एवं ऋण वितरण समारोह तथा गर्भवती महिलाओं की गोद भराई कार्यक्रम में सम्मिलित हुई तथा एक जनपद एक उत्पाद योजना एवं स्वरोजगारपरक योजनान्र्तगत लाभार्थियों को टूल किट एवं स्वीकृति पत्र वितरित किये तथा क्षयरोग ग्रसित बच्चों को गोद लेने वाली स्वयं सेवी संस्थाओं की सराहना एवं उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल महोदया ने सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट रामगंगा विहार मुरादाबाद में “पोषन वाटिका“ का उद्घाटन किया तथा “प्रोजेक्ट स्नेह“ के अन्र्तगत 500 कुपोषित बालकों के कल्याणार्थ विशेष कार्यक्रम को शुभारम्भ भी किया। राज्यपाल ने सर्किट हाउस सभागार में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री द्वारा विंध्य क्षेत्र की पेयजल परियोजनाओं का वर्चुअल माध्यम से शुभारम्भ कार्यक्रम में प्रतिभाग भी किया।
        राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने अपने भ्रमण के दौरान सर्वप्रथम आईएफटीएम यूनिवर्सिटी मुरादाबाद में आयोजित मिशन शक्ति के अन्र्तगत महिलाओं से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि महिलाएं अपनी शक्ति पहचानें तथा सकारात्म दृष्टिकोण अपनाकर बच्चों को संस्कारवान एवं गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने महिला साक्षरता तथा नारी सशक्तिकरण पर बल देते हुए कहा कि लडकियों और लडकों के बीच कोई भेदभाव नही करना चाहिए। अगर समाज की सोच को बदल दे ंतो लडकियां आगे बढती रहेंगी। राज्यपाल महोदया न कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य यही है कि नारी को सुरक्षा सम्मान एवं स्वावलम्बल प्रदान किया जाये। समाज में महिला सुरक्षा का बिन्दु महत्वपूर्ण है। बच्चों को ठीक वातावरण मिलें तथा ठीक से पढ़ाया जाये। लड़के-लडकी को समान रुप से देखने की आवश्यकता होगी। महिलाएं स्वावलंबी बनेंगी और किसी से नही डरेंगी तथा महिलाएं समाज की मुख्य धारा में आकर कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि सबके लिए शिक्षा का बहुत महत्व है तथा शिक्षा का दीप ही इस अंधेरे को मिटा सकता है। राज्यपाल ने महिलाओं का आह्वान किया कि आज ही हमें शिक्षित होने का संकल्प लेना है तथा सारी समस्याओं का समाधान शिक्षा से ही संभव है।
        राज्यपाल ने कहा कि हमारे भारतीय संविधान में महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया गया है, लेकिन चिन्ता की बात यह है कि समाज में कुछ विकृत मानसिकता के लोग इसमें बाधा उत्पन्न करते हैं तथा हमें यह प्रण लेना है कि महिला सशक्तिकरण देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। उन्होंने प्रधानमंत्री  के आत्मनिर्भर भारत बनाने के अभियान के अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें आत्मनिर्भर प्रदेश, तहसील, जिला एवं परिवार भी बनाना है, जिस हेतु ग्रामीण और पिछडे क्षेत्रों की महिलाओं की ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
        उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनन्दी बेन पटेल ने आई0एफ0टी0एफ0 विश्वविद्यालय में कोरोना काल में उत्कृष्ठ सेवा प्रदान करने वाले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया । इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल ने डा0 सीमा रानी सदस्य उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, प्रीति जायसवाल अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, प्रेरणा सिंह उप जिलाधिकारी सदर, मंजू कोठीवाल, डा0 सुषमा राठी रेलवे हास्पिटल, डा0 अर्चना यादव सिविल हास्पिटल, डा0 दिव्या गोयल, डा0 सैफाली सिंह, रितु नारंग, तथा श्रीमती गरिमा सिंह समाज सेविका को कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का इलाज एवं उचित देखभाल करने पर स्मृति चिन्ह् एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
        राज्यपाल ने सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में आयोजित ओडीओपी प्रर्दशनी, टूलकिट एवं ऋण वितरण समारोह तथा राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम में अपने सम्बोधन में कहा कि जनपद मुरादाबाद हस्तकला, पीतल के बर्तनों एवं अन्य उत्पादों के लिए विश्व प्रसिद्ध है तथा यहां पर धातु उत्पादों का उत्पादन करने वाली निर्यातउन्मुखी इकाईयां भी स्थापित हैं तथा प्रदेश सरकार द्वारा एक जनपद एक उत्पादन योजना के अन्तर्गत यहां के पीतल उद्योग को और आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है, चूंकि पारम्परिक शिल्प कला आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महिला हस्तशिल्पी प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए कहा कि दस्तकारी में जो कलाकारी दिखाई गयी है वह अद्भुत एवं अतुल्य है, कलाकारी देखने से ही मूल्य का पता चलता है। उन्होंने इस कार्य में निपुण दस्तकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारी धरोहर मिटनी नही चाहिए बल्कि इसे निरन्तर आगे बढ़ाते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि केन्द एवं राज्य सरकार भी महिला दस्तकारों को प्रोत्साहन देने हेतु प्रयासरत है।
         राज्यपाल ने एक जनपद एक उत्पाद प्रशिक्षण के जिन महिला लाभार्थियों को टूलकिट एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए उनमें श्रीमती मिथलेश, केसर देवी, फायजानाज, अनीता, अफरोज जहां, वव्ली शुक्ला, नसीम जहां, राजो देवी, शान्ति चैधरी, रुपवती, एवं मुनेश सम्मिलित हैं। इसके अतिरिक्त रोजगारपरक योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना एवं ओडीओपी वित्त पोषण योजना की जिन महिला लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गये उनमें श्रीमती प्राची बंसल, नाजनीन मारुफ, रोशन जहां, छायापाल, फराह दीवा, मनीषा, कंचन गुप्ता, शमीना जैदी, फायमा एवं हुस्ना, उवैश, शामिल हैं। इस अवसर पर विभिन्न हस्तशिल्पियों द्वारा स्टाल लगाये गये जिनमें धातु शिल्प एम्ब्रायडरी, टोकरी बुनकर, एवं हेल्पर आदि उत्पाद सम्मिलित हैं, जिनसे संबंधित हस्तशिल्पियों को भी राज्यपाल महोदया ने प्रोत्साहित किया।
         राज्यपाल ने पुनरीक्षित क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्र्तगत क्षयरोग ग्रसित बच्चों को स्वयं सेवी संगठनों द्वारा गोद लिये जाने के उल्लेखनीय कार्य करने वाले लोगों को प्रमाण पत्र व  प्रेरणा पत्र देकर सम्मानित किया, जिनमें जिलाधिकारी/अध्यक्ष रेड क्रास सोसायटी राकेश कुमार सिंह एव ंसेव गल्र्स फाउण्डेशन की अध्यक्षा श्रीमती प्रिया अग्रवाल मुख्य रुप से सम्मिलित हैं। उन्होंने इन संगटनों के प्रतिनिधियों से बातचीत कर उनके कार्यो की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अधिकारियों द्वारा क्षयरोग के नियंत्रण हेतु विभिन्न एनजीओ के माध्यम से कराये जा रहें कार्यो की भी सराहना की तथा अधिकारियों का आह्वान किया कि वे सामुदायिक दृष्टिकोण अपनाकर समाजहित में कार्यशील रहें। राज्यपाल ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि मुरादाबाद में विभिन्न एनजीओ द्वारा टी0बी0 ग्रसित बच्चों को गोद लिया गया है और ऐसी संस्थाओं का आह्वान किया कि वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने हेतु कमर्ठता से कार्यशील रहें।
        राज्यपाल ने सर्किट हाउस में स्वयंसेवी संस्थाओं, टी0बी0 एसोसिएशन एवं अन्य संगठनों के साथ वार्ता करते हुए कहा कि सामाजिक बुराईयों को दूर करने हेतु भाषण से नही बल्कि घर से उन बुराईयों को समाप्त करने की शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विकास की कंुजी है तथा शिक्षा का लाभ समाज को भरपूर मिले इस पर ध्यान देने की जरुरत है। राज्यपाल ने कहा कि समाज में बेटियों के भेदभाव कदापि नही किया जाना चाहिए और स्वयंसेवी संस्थाओं का आह्वान किया कि वे समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों को मिटाने में अपना योगदान दें।
        राज्यपाल ने “एक जनपद एक उत्पाद “ के तहत उद्योग विभाग द्वारा लगाई गयी धातु शिल्प प्रदर्शनी के विभिन्न स्टालों का अवलोकन किया तथा धातु शिल्प के उत्पादों  पर की गयी दस्तकारी को निहराते हुए अपने सम्बोधन में कहा कि मुरादाबाद में एक जनपद एक उत्पाद के तहत मैटल आर्ट वेयर का काम किया जा रहा है तथा आज धातु शिल्प पर जो अद्भुत कलाकारी देखी गयी है वे अतुलनीय है तथा इस कार्य में लगे निपुण कारीगरों का उत्साहवर्धन करते कहा कि हमारी धरोहकर मिटनी नही चाहिए, बल्कि इसकी देश विदेश में विशिष्ट पहचान बनाये रखने की जरुरत है।
        राज्यपाल श्रीमती आनन्दीबेन पटेल ने रामगंगा विहार स्थित सीएल गुप्ता आई इंस्टीट्यूट में प्रोजेक्ट स्नेह व बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग मुरादाबाद के संयुक्त तत्वाधान में पोषण अभियान अन्र्तगत कुपोषण के प्रबन्धन हेतु आयोजित कार्यक्रम में अतिगंभीर कुपोषित बच्चों को गोद लिये जाने हेतू “पोषन वाटिका” का उद्घाटन किया तथा “प्रोजेक्ट स्नेह” के अन्र्तगत 500 कुपोषित बालकों के कल्याणार्थ विशेष कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए कहा कि बच्चें ही देश और समाज के कर्णधार हैं तथा हमें इनके लालन-पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा, चूंकि किसी सुन्दर और मजबूत इमारत की कल्पना मजबूत नींव के बिना नही की जा सकती। उन्होंने कहा कि देश और समाज की रक्षा एवं सुरक्षा का दायित्व उठाने वाले बच्चें ही जब कुपोषित हो जाएंगे तो यह दायित्व कौन उठायेगा इसलिए माता-पिता शिक्षकों और समाज के सभी नागरिको का कर्तव्य है कि कुपोषण रुपी रोग को समाप्त करने के लिए बच्चों को उचित पोषण दिलाने का जनान्दोलन चलाये। उन्होंने कहा कि प्रायः यह देखा गया है कि घर की अन्नपूर्णा ही कुपोषित हो रही है, ऐसे में बच्चें का कुपोषित होना स्वभाविक है तथा उन्होंने आह्वान किया कि हम अपनी महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व तथा बच्चों को स्वस्थ पोषण देकर एक मजबूत समाज का निर्माण करें।
     इस अवसर पर पंचायतीराज मंत्री भूपेन्द्र सिंह चैधरी, बाल विकास एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री श्रीमती स्वाति सिंह, नगर विधायक रितेश गुप्ता, कांठ विधायक राजेश कुमार चुन्नू, दर्जा राज्यमंत्री गोपाल अंजान, एम0एल0सी0 डा0 जयपाल सिंह व्यस्त, महापौर विनोद अग्रवाल एवं अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मण्डलायुक्त वीरेन्द्र कुमार सिंह, पुलिस महानिरीक्षक रमित शर्मा, ए0डी0सी0 राजपाल, जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चैधरी, नगर आयुक्त संजय चैहान, बेटी बचाओं-बेटी पढाओं की संयोजिका श्रीमती प्रिया अग्रवाल, यू0पी0 एस0एस0एस0सी0 सदस्य सीमा रानी, कुलाधिपति आईएफटीएम राजीव कोठीवाल, डा0 महेन्द्र प्रसाद पाण्डे, प्रोजेक्ट स्नेह संस्थापिका शिखा गुप्ता, राघव गुप्ता के अलावा समाजसेवी, चिकित्सक, शिक्षा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।