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पुलिस महानिदेशक ने कोविड-19 के रोकथाम हेतु पुलिस कर्मियों की स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विषयक दिये दिशा-निर्देश
April 20, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा  
लखनऊ 20 अप्रैल। एच0सी0 अवस्थी, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा पुलिस आयुक्त लखनऊ, गौतमबुद्वनगर, अपर पुलिस महानिदेशक, रेलवे/पीएसी/यूपी 112/यातायात, समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, प्रभारी जनपद उ0प्र0 को प्रदेश में कोविड-19 के रोकथाम हेतु लाॅकडाउन के दृष्टिगत पुलिस विभाग के अधिकारी/ कर्मचारी जो लाॅकडाउन का अनुपालन के साथ ही आकस्मिक सेवाओं के संचालन, स्वास्थ्य कर्मी की सुरक्षा एवं क्वारंटाइन फैसिलिटी की निगरानी आदि कार्य लगातार कर रहे हैं, उनके व्बबनचंजपवदंस ैंमिजल हेतु निम्नांकित दिशा-निर्देश निर्गत किये गयेः-
ऽ पुलिस कर्मी जो गम्भीर बीमारी से ग्रसित हैं, विशेषकर श्वास रोग/फेफड़े की बीमारी, हृदय रोग, गम्भीर मधुमेह, आदि को फ्रन्ट लाइन डियूटियों से मुक्त रखते हुए अन्य डियूटी ली जाए। ऐसे कर्मी को चिन्हित करते वक्त यह अवश्य ध्यान में रखा जाए कि वही पुलिस कर्मी मुक्त होंगे जो गम्भीर बीमारियों से ग्रसित होने के कारण पूर्व में अस्पताल में भर्ती हुए हों। सामान्यतः स्वस्थ पुलिस कर्मी को अवमुक्त न किया जाए।
ऽ 55 वर्ष की आयु से ऊपर केे कार्मिकों की बीमारी के पूर्व इतिहास के आधार पर समीक्षा कर यथासंभव उन्हें भी फ्रन्ट लाइन डियूटी से मुक्त करने पर विचार कर लिया जाए।
ऽ फ्रन्ट लाइन डियूटी की परिभाषा में वह समस्त कार्य सम्मिलित होंगे जहाॅं अनजान व्यक्तियों के निकट सम्पर्क में आने की सम्भावना अधिक है। उदाहरण के तौर पर हास्पिटल डियूटी, रैपिड एक्शन टीम डियूटी, क्वारंटाइन सुरक्षा डियूटी, स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा डियूटी, मुल्जिम गिरफ्तारी की ड्यूटी एवं 112 वाहन की डियूटी आदि।
ऽ फ्रन्ट लाइन डियूटी में लगे समस्त कर्मियों को एस0ओ0पी0 का पालन करने हेतु नियमित ब्रीफिंग किया जाए।
ऽ डियुटी में तैनात कर्मियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरणों को पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराते हुए इसके उपयोग करने के संबंध में सतत् पर्यवेक्षण किया जाए।
ऽ नियमित खान-पान/रोग निरोधक क्षमता को बढ़ाने के उपायों पर विशेष ध्यान रखने हेतु निरन्तर ब्रीफिंग की जाए।