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पुलिस महानिदेशक द्वारा डी0एन0ए0 परीक्षण हेतु जैविक साक्ष्यों के संकलन की परिचालनिक प्रक्रिया के संबंध में दिये गये आवश्यक निर्देश
June 15, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 15 जून। एच0सी0 अवस्थी, पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा समस्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/ पुलिस उपमहानिरीक्षक, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, प्रभारी जनपद उ0प्र0 को अपराधों की विवेचना में आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के समावेश, वैज्ञानिक परीक्षण से प्राप्त निष्कर्ष के महत्व केे दृष्टिगत डी0एन0ए0 परीक्षण हेतु जैविक साक्ष्यों के संकलन, परिरक्षण (ब्वससमबजपवद ंदक च्तमेमतअंजपवद) एवं प्रेषण की परिचालनिक प्रक्रिया (ैजंदकंतक व्चमतंजपदह च्तवबमकनतम ) के संबंध में कार्यवाही हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गयेः-
ऽ विवेचनाधिकारी द्वारा फील्ड यूनिट के सहयोग से घटनास्थल का सूक्ष्मता से अध्ययन कर सभी महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्यों को संकलित किया जाये। 
ऽ महिलाओं/बालिकाओं के प्रति ऐसे अपराध, जिनमें जैविक साक्ष्य संग्रहीत किया गया हो, उसमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय परीक्षण हेतु चिकित्सालय भेजकर आवश्यक कार्यवाही की जाये। 
ऽ विवेचनाधिकारी घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए साक्ष्य/सैम्पल संकलन, महिला संबंधी अपराधों में पीड़िता/मृतका एवं अभियुक्त से संबंधित साक्ष्यों का संकलन करते हुए उसे तत्काल चिकित्साधिकारी को उपलब्ध कराया जाये एवं संकलित प्रदर्शो को निर्धारित समय में विधि विज्ञान प्रयोगशाला को प्रक्रियानुरूप जमा कराया जाये। 
ऽ घटनास्थल पर प्राप्त जैविक साक्ष्यों को फील्ड यूनिट के सहयोग से परिरक्षित किया जाये। फील्ड यूनिट द्वारा जैविक साक्ष्यों की सम्भावित उपस्थिति से लेकर उनके संग्रहण, परिरक्षण एवं उनके सम्प्रेषण हेतु आवश्यक समस्त कार्यवाही अपने निकट पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पादित कराया जाये।
ऽ डी.एन.ए. परीक्षण हेतु नमूना/प्रर्दशों के एकत्रण परिरक्षण, संरक्षण, पैकिंग तथा परिवहन में अत्यन्त सावधानी रखी जाये। 
ऽ जनपदीय स्तर पर डीएनए नमूना/प्रर्दशोें के संकलन एवं परीक्षण सम्बन्धी जानकारी/सावधानी आदि के सम्बन्ध में जनपद स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन कर विवेचनाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाये। 
ऽ विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात उसके परिणाम व अन्य सुसंगत साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र अथवा अंतिम रिपोर्ट मा0 न्यायालय को प्रेषित किया जाये।