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प्रमिला देवी फाउंडेशन द्वारा फेसबुक पेज से कजरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया - पायल सोनी
July 26, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
वाराणसी 26 जुलाई। कोरोना ने जहाँ आम जनजीवन को प्रभावित किया है वही सावन महीने से शुरू होने वाले तीज त्योहारों पर भी ग्रहण लगा दिया है। ऐसे दौर में लोग घर पर रह कर अपना समय व्यतीत कर रहे है,और त्योहारों को अपने तरीके के मनाने की कोशिश कर रहे है,आज नाग पंचमी के अवसर पर प्रमिला देवी फाउंडेशन द्वारा फेसबुक पेज से कजरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें काशी के वरिष्ठ साहित्यकारों ने नए अंदाज में कजरी को सुना कर स्रोताओं को मन-मुग्ध कर दिया। कजरी कार्यक्रम में काशी के वरिष्ठ साहित्यकार राजेन्द्र गुप्त,ग़ज़लकार नरोत्तम शिल्पी,उप-शास्त्रीय गायिका वीना अग्निहोत्री व सरिता बरनवाल ने कजरी गायन प्रस्तुत किया,श्रोताओं को सबसे अधिक नए विषय पर लिखी कजरी बहुत पसंद आई राजेन्द्र गुप्त द्वारा लिखित कजरी "तोहके मेंहदी लियाईब पितृकुण्डा से,जाके हीरो होंडा से ना" साथ ही "ऑयल कॅरोना मरकिरौना  ये भइया बच के तू रहिया,विनत करी कर जोरिया,ये भईया घरे तू रहिया" सुना कर जागरूक रहने का संदेश दिया। नरोत्तम शिल्पी ने "आवत काहे बैरी सावन,आवत काहे बीतल याद दियावे" वीना अग्निहोत्री ने "घिर आई है कारी बदरिया" सुना सबका मन मोहा,सरिता बरनवाल  ने " सावन का महीना गाये कजरी सबे लोग,पिये गिलोय का काढ़ा भगाए कोरोना के रोग" सुना स्वास्थ्य वर्धक संदेश दिया।
     संस्था की अध्यक्ष पायल सोनी ने बताया कि "विलुप्त होती कजरी को जीवंत करने का इससे अच्छा तरीका नही है कि घर बैठे भी हमे कजरी का आंनद मिल रहा है और सुनाने वालो की कमी भी नही है,लोग इस विधा को सीखेंगे और अपने लोक गीत को आगे पीढ़ियो में हस्तांतरित करेंगे इसकी आशा है।
कार्यक्रम का संयोजन प्रीति जायसवाल ,शाम्भवी मिश्रा,शिवदत्त द्विवेदी,सोमेश राय,रचना श्रीवास्तव ने किया।कार्यक्रम का संचालन शास्त्रीय गायिका डॉ. प्रिया पांडेय ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन उप-शास्त्रीय नर्तक अमित श्रीवास्तव ने किया।