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मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण तथा वर्षा ऋतु में संचारी रोगों के प्रसार सम्बन्धी कार्यवाही के निर्देश दिए - अवनीश अवस्थी
June 29, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 29 जून। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि स्वच्छता के सम्बन्ध में कोई शिथिलता नहीं होनी चाहिए। कोरोना संक्रमण तथा वर्षा ऋतु में संचारी रोगों के प्रसार के दृष्टिगत उन्होंने इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि जनपद गौतमबुद्ध नगर तथा गाजियाबाद के साथ ही पूरे मेरठ मण्डल में डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाये। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड चिकित्सालयों में व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या को बढ़ाया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड अस्पतालों में बेडों की संख्या 01 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख करने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में आॅक्सीजन की सुचारु आपूर्ति एवं उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि डाॅक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें। पैरामेडिक्स द्वारा रोगियों की लगातार माॅनिटरिंग की जाए। 24 घण्टे में कम से कम एक बार मरीज के परिजनों को रोगी के स्वास्थ्य की जानकारी आवश्य दी जाए। ‘108’, ‘102’ तथा ए0एल0एस0 एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। एम्बुलेंस में आॅक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
          श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि टेस्टिंग क्षमता में लगातार वृद्धि के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि टेस्टिंग क्षमता बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का पूरा उपयोग किया जाए। ट्रूनैट मशीनों तथा रैपिड एन्टीजेन टेस्ट मशीनों को पूरी क्षमता से संचालित करते हुए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं। संक्रमण पर नियंत्रण के लिए निजी चिकित्सालयों में ट्रेूनैट मशीनों के प्रयोग के बढ़ावा दिया जाए। बैठक में यह जानकारी दी गई कि रविवार को प्रदेश में 22,378 नमूने जांच हेतु संग्रहित किए गए। यह भी अवगत कराया गया कि अब प्रदेश में 25 सरकारी तथा 17 निजी प्रयोगशालाएं टेस्टिंग कार्य कर रही हैं।
          श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के कार्य को तेज गति से किया जाय। उन्होंने कहा है कि सभी विभागों एवं संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। निजी चिकित्सालयों में भी कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि ओ0पी0डी0 संचालित करने वाले अस्पताल में कोविड हेल्प डेस्क अनिवार्य रूप से स्थापित हो। उन्होंने बताया कि 3441 पी0एच0सी0 और 853 सी0एच0सी0 कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि सभी थाना, विकासखण्डों, तहसील तथा जिला मुख्यालयों पर भी कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किया जाए। उन्होनें बताया कि आगरा में 206, फिरोजाबाद में 82, हाथरस में 38, कासगंज में 39, आजमगढ़ में 98, मऊ में 53, प्रयागराज में 19, प्रतापगढ़ में 87, इटावा में 56, औरैया में 176, गोरखपुर में 49, झांसी में 41, ललितपुर में 35, गोण्डा में 71, बहराइच में 66, श्रावस्ती में 23, बलरामपुर में 43, अयोध्या में 82, बाराबंकी में 72, अमेठी में 84, बरेली में 66, बदायूॅ में 18, शाहजहाॅपुर में 65, सिद्धार्थनगर में 17, मिर्जापुर में 76, भदोही में 30, सोनभद्र में 38, मुरादाबाद में 72, बिजनौर में 20, संभल में 42, रामपुर में 49, अमरोहा में 76, मेरठ में 155, गौतमबुद्धनगर में 24, हरदोई में 130, सहारनपुर में 40 तथा शामली में 56 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कर दिये गये है।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि दो गज की दूरी तथा मास्क का उपयोग बढ़ाने के लिए जागरूकता एवं प्रेरणा की जरूरत है। इसके दृष्टिगत कोरोना के प्रति जागरूकता के व्यापक प्रचार-प्रसार की दृष्टि से स्थापित की जाने वाली होर्डिंग को ऐसे स्थानों पर लगाए जाएं, जहां से वे आसानी से लोगों को नजर आए। इसके अतिरिक्त समाचार पत्रों, हार्डिंग, टी0वी0 तथा सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि सम्पर्क में आने वाले लोगों से संक्रमण होने की सम्भावना रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए फील्ड में तैनात प्रशासनिक अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा विशेष सावधानी बरती जाए।
         श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग को सर्विलांस व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि इसे सुचारु ढंग से लागू करते हुए जिस प्रकार इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी रोक लगाई गयी थी उसी प्रकार कोरोना के प्रसार पर भी रोक लगाई जाये। उन्होंने सर्विलांस के दौरान सर्विलांस टीम द्वारा घर-घर कोविड-19 से बचाव के सम्बन्ध में हैण्डबिल भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने 01 से 31 जुलाई, 2020 तक संचालित किए जाने वाले सचंारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आदि को संचारी रोग के सम्बन्ध में सतर्क रखा जाए। मानव संसाधन को इस सम्बन्ध में प्रशिक्षित रखते हुए एम्बुलेंस आदि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अन्तर्विभागीय समन्वय के माध्यम से कार्यों को निचले स्तर तक पहुंचाए जाने पर बल दिया।
           श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि संचारी रोगों को नियंत्रित करने में जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके दृष्टिगत सूचना विभाग द्वारा स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय करते हुए प्रचार-प्रसार का व्यापक अभियान चलाते हुए लोगों को संचारी रोगों से बचाव की जानकारी दी जाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, चैराहों, बाजार आदि प्रमुख स्थलों पर इस सम्बन्ध में होर्डिंग तथा पोस्टर लगाए जाएं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने नगर विकास विभाग, विकास प्राधिकरणों तथा स्थानीय निकायों को शहरी इलाकों में तथा पंचायतीराज विभाग एवं ग्राम्य विकास विभाग तथा जिला प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का वृहद अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा है कि इस अभियान में सभी सरकारी विभागों तथा निजी कार्यालयों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित कराई जाए। फाॅगिंग तथा एन्टी लार्वा रसायनों का छिड़काव प्रभावी ढंग से किया जाए।  
          श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावी रोक लगाई जाए। बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को पुष्टाहार की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित कराते हुए उन्हें पोषण के सम्बन्ध में जागरूक भी करे। उन्होंने कहा कि पेयजल की आपूर्ति को सुव्यवस्थित बनाए रखते हुए लोगों को पानी गरम कर तथा छानकर पीने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि समय से पहले मानसून आने के दृष्टिगत बाढ़ नियंत्रण के कार्यों में पूरी सतर्कता बरतते हुए त्वरित गति से कार्य करायी जाये। टिड्डी दल को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कार्यवाही की जाए। गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए गौवंश के लिए भूसा-चारे, दवाईया आदि की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
        श्री अवस्थी ने बताया कि 28 जून तक 17,992 कैदियों को जमानत तथा पैरोल पर छोड़े गये है। इसके अतिरिक्त 29 जून, 2020 तक जूवेनाइल बोर्ड द्वारा 739 बाल कैदियों को छोड़ा गया है। प्रदेश में अब तक 53 अस्थायी कारागार बनाये गये है जिसमें 3,275 भारतीय तथा 63 विदेशी कैदियों को रखा गया है। फेक न्यूज के तहत अब तक 1597 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गई है। 29 जून को कुल 11 मामले, जिनमें ट्विटर के 05 और फेसबुक के 06 मामले को संज्ञान में लिया गया हंै तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है। 29 जून तक ट्वीटर के 151, फेसबुक के 114, टिकटाॅक के 60 तथा व्हाटसएप के 01 एकाउण्ट कुल 326 एकाउण्ट्स को ब्लाॅक किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 2752 हाॅट स्पाॅट के 823 थानान्तर्गत 9,01,259 मकानों के 65,45,179 लोगों को चिन्हित किया गया है।
        श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1660 ट्रेन में आ चुकी है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के ईंट भट्ठा श्रमिक जो प्रदेश में कार्य कर रहे थे उनको उनके राज्य में भेजे जाने की व्यवस्था प्रदेश सरकार द्वारा की गयी है। प्रदेश सरकार द्वारा अब तक अन्य राज्यों के ईंट भट्टा श्रमिकों को 82 ट्रेन के माध्यम से उनके घर भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कल 5,773 बसों के माध्यम से 7,05,927 लोगों ने यात्रा की। राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 37,04,377 श्रमिकांे को प्रदेश में वापस लाया जा चुका है। इनमें से 30,49,076 श्रमिकों की स्किल मैपिंग की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब तक सरकारी एवं गैर सरकारी कम्युनिटी किचन के माध्यम से 6,58,83,868 फूड पैकेट का वितरण किया गया है। श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री कल बुन्देलखण्ड भ्रमण पर रहेंगे, उनके द्वारा ‘‘हर घर नल‘‘ योजना का शुभारम्भ किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा 2100 करोड़ रूपये से अधिक की योजनाओं का शुभारम्भ किया जायेगा। इस अवसर पर भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डा0 महेन्द्र सिंह एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।
         अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य -अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कल एक दिन में 22,378 सैम्पल की जांच की गयी, जो अब तक की सर्वाधिक हैं। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 7,07,839 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 6,650 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 15,506 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 66.86 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 1934 पूल की जांच की गयी, जिसमें 1727 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 207 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी।
        श्री प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 19,19,033 कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया। जिसमें से 1700 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले। इन लोगों के सैम्पल लेकर उनकी जांच की जा रही है, जिसमंे से 1262 लोगों की रिपोर्ट आ गयी हैं। इनमे 231 लोग कोरोना संक्रमित पाये गये है। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1,50,522 लाख सर्विलांस टीम द्वारा 1,10,40,863 घरों के 05 करोड़ से अधिक लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 94,581 लोगों को कन्ट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने बताया कि जितने कोरोना के केस है उनमें 0-20 आयु वर्ग के लोगों का प्रतिशत 17.03, 21-40 वर्ष के आयु वर्ग का प्रतिशत 50.25, 41-60 वर्ष के आयु वर्ग के लोगों का प्रतिशत 25.57 तथा 60 वर्ष से ऊपर के लोगों का प्रतिशत 7.15 है।- अमित शुक्ला/इंजेश सिंह/धर्मवीर खरे