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मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए अनलाॅक व्यवस्था में पूर्ण अनुशाषित रहना आवश्यक - अवनीश कुमार अवस्थी
June 15, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 15 जून। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि अनलाॅक का अर्थ है अनुशासन। कोरोना से बचाव के लिए अनलाॅक व्यवस्था के दौरान पूर्ण अनुशासन के साथ रहना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि मास्क का प्रयोग करने, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकने, भीड़-भाड़ न एकत्र करने, वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक न बैठने तथा रात्रि में निर्धारित अवधि के कफ्र्यू के पालन की शर्त पर अनलाॅक व्यवस्था लागू की गयी है। गृह विभाग द्वारा समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिये गये है कि मास्क न लगाने वालों, सोशल डिस्टेसिंग का पालन न करने वालों व भीड़-भाड़ एकत्र होने की दशा में सख्त कार्यवाही की जाये। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए लगातार सतर्कता बरतने पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि कोविड तथा नाॅन कोविड अस्पतालों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए हर स्तर पर संवाद आवश्यक है। उन्होंने 11 जनपदों में नोडल अधिकारी के रूप में तैनात वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तथा विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ निरन्तर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों तथा मण्डलायुक्तों के साथ भी नियमित संवाद कायम रखते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखा जाए।
     श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमित रोगियों की स्थिति को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए एल-1, एल-2 अथवा एल-3 श्रेणी के अस्पताल में भर्ती किया जाए। उन्होंने कहा है कि जन स्वास्थ्य की दृष्टि से एन0सी0आर0 के जनपदों में सतर्कता बरती जाए। जनपद गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, बागपत, हापुड़ तथा बुलन्दशहर पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा है कि इन जिलों में उपचार की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एन0सी० आर0 क्षेत्र के जनपदों के कोविड अस्पतालों में बेड तथा चिकित्साकर्मियों की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में आॅक्सीजन की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इस सम्बन्ध में बैक अप भी तैयार रखा जाए। उन्होंने कहा है कि समय पर उपचार मृत्यु दर को नियंत्रित करने में काफी मददगार है।
     श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण से अधिक प्रभावित 11 जनपदों यथा आगरा, मेरठ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, कानपुर नगर, फिरोजाबाद, मुरादाबार, बस्ती, अलीगढ़, झांसी व बुलन्दशहर में स्थापित कोविड-19 चिकित्सालयों व इमरजेंसी सेवाओं हेतु स्थापित नाॅन कोविड चिकित्सालयों तथा कोविड संबंधी अन्य व्यवस्थाओं एवं प्रोटोकाॅल के प्रबंधन विषयक समय-समय पर जारी शासनादेशों का अनुपालन सुनिश्चित कराये जाने व उपचार की व्यवस्थाओं के सुधार किये जाने के सबंध में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारियों एवं चिकित्सा शिक्षकों की टीम गठित की गयी है। उन्होंने बताया कि गौतमबुद्धनगर में नरेन्द्र भूषण मुख्य कार्यपालक अधिकारी, गे्रटर नोएडा, गौतमबुद्धनगर व डा0 जिलेदार रावत, आचार्य पीडियाटिक्स सर्जरी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, मेरठ में पी0 गुरू प्रसाद, आयुक्त, आबकारी, प्रयागराज व डा0 शरद चन्द्रा, आचार्य काॅर्डियोलाॅजी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, गाजियाबाद में डा0 सेंथिल पांडियन सी0 प्रबंधन निदेशक, राज्य विद्युत उत्पादन निगम तथा पारेषण निगम, लखनऊ व डा0 अनिल चन्द्रा आचार्य, न्यूरोसर्जरी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, आगरा में एम0 देवराज, सचिव, ऊर्जा विभाग उ0प्र0 शासन एवं प्रबंध निदेशक, जल विद्युत निगम, प्रबंध निदेशक उ0प्र0 पावर कारर्पोशन लि0 व डा0 राहुल जनक सिन्हा, अपर आचार्य यूरोलाॅजी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, फिरोजाबाद में रंजन कुमार सचिव लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 शासन व डा0 अजय सिंह आचार्य आॅर्थोपेडिक्स, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, कानपुर नगर में अनिल गर्ग, मुख्य कार्यपालक अधिकारी उ0प्र0 राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण कानपुर व डा0 अभिजीत चन्द्रा आचार्य सर्जिकल गैस्ट्रोइन्ट्रोलाॅजी, के0जी0एम0यू0, लखनऊ, अलीगढ़ में अनुराग यादव सचिव नगर विकास विभाग व डा0 संजय धीरज आचार्य, एनेस्थीसियोलाॅजी, एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ, मुरादाबाद में एस0वी0एस0 रंगाराव, निबन्धक, सहकारी समितियां लखनऊ व डा0 अरूण कुमार श्रीवास्तव अपर आचार्य, न्यूरो सर्जरी, एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ, बुलन्दशहर में अजय चैहान, आवास आयुक्त, उ0प्र0 एवं निदेशक, नगर भूमि सीमारोपण, उ0प्र0 लखनऊ व डा0 नवीन गर्ग आचार्य, कार्डियोलाॅजी एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ, झांसी में विकास गोठलवाल, प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 जल निगम लि0 एवं सचिव नगर विकास विभाग व डा0 मोहन गुर्जर, अपर आचार्य, क्रिटिकल केयर मेडिसिन, एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ, बस्ती में डा0 राजशेखर, प्रबन्ध निदेशक, उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम लखनऊ व डा0 ए0के0 जायसवाल, आचार्य न्यूरो सर्जरी, एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ की टीम गठित की गयी है।
        श्री अवस्थी ने बताया कि इस टीम द्वारा कोविड तथा नाॅन कोविड चिकित्सालयों के प्रबन्धन तथा कोविड-19 के उपचार संबधी उचित परामर्श व मार्गदर्शन प्रदान किया जायेगा। टीम द्वारा संबंधित जनपदों में कैम्प करते हुए कोविड तथा नाॅन कोविड चिकित्सालयों का स्थलीय निरीक्षण किया जायेगा तथा जिला प्रशासन एवं चिकित्सालय प्रशासन के कार्याें का पर्यवेक्षण व अधिकारियों को मार्गदर्शन प्रदान किया जायेगा। टीम द्वारा कोविड अस्पतालों में वेंटीलेटर, आॅक्सीजन, पी0पी0ई0 किट्स आदि कंज्यूमेबल्स की उपलब्धता की समीक्षा की जायेगी। कोविड अस्पताल का व्यवस्था प्रबन्धन तथा माइक्रोमैनेजमेंट की समीक्षा एवं सुधारात्मक उपाय संबंधित शासनादेशों व प्रोटोकाॅल का अनुश्रवण भी इस टीम द्वारा किया जायेगा।
       श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी औद्योगिक इकाइयों का सर्वे कराते हुए इन इकाइयों में रोजगार की आवश्यकता का आकलन किया जाए। श्री अवस्थी ने बताया कि मनरेगा के तहत प्रदेश में 57,12,975 श्रमिकों को रोजगार मिला है जो, वर्तमान में देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 58,906 ग्राम पंचायतों में से 56,981 ग्राम पंचायतों में 57,12,975 अनस्कील्ड लेबर कार्य कर रहे हैं, जो सम्पूर्ण देश का 18 प्रतिशत है। यह देश में अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 7.93 करोड़ मानव दिवस सृजित करते हुए 1633.39 करोड़ रूपये का भुगतान किया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा 4175000.53 लाख रूपये की लागत की कुल 3083 परियोजना प्रारम्भ कर दी गयी हंै। जिसमें 41468 श्रमिक कार्यरत हंै। प्रदेश में 20 अप्रैल, 2020 से अब तक सी0 एण्ड डी0एस0 के 354 प्रोजेक्ट में 6584 श्रमिक, अमृत योजना के 128 परियोजनाओं में 3711 श्रमिक तथा हाउसिंग बोर्ड/विकास प्राधिकरणों/मेट्रों की 444 परियोजनाओं में 9916 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। इस प्रकार कुल 926 परियोजनाओं में 20,211 श्रमिक कार्य कर रहे है।
        श्री अवस्थी ने बताया कि धारा 188 के तहत 65,335 एफआईआर दर्ज करते हुये 1,79,003 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश में अब तक 65,46,248 वाहनांे की सघन चेकिंग में 55,542 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 29,09,49,966 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 2,98,266 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 921 लोगों के खिलाफ 701 एफआईआर दर्ज करते हुए 327 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि फेक न्यूज के तहत अब तक 1468 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गई है। 15 जून को कुल 11 मामले, जिनमें ट्विटर के 05, फेसबुक के 06 मामले को संज्ञान में लिया गया हंै तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित। 15 जून तक ट्वीटर के 82, फेसबुक के 81, टिकटाॅक के 47 तथा व्हाटसएप के 01 एकाउण्ट कुल 211 एकाउण्ट्स को ब्लाॅक किया जा चुका है। अभी तक कुल 50 एफआईआर पंजीकृत कराई गई है। विभिन्न जनपदों में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 2300 हाॅट स्पाॅट के 792 थानान्तर्गत 9,82,435 मकानों के 57,97,808 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में कोरोना पाॅजिटिव लोगों की संख्या 5,030 है।
         श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में हाॅटस्पाॅट वाले बस्तियों में 4151 डोर स्टेप डिलिवरी मिल्क बूथ/मैन के द्वारा दूध वितरित किया गया है। डोर स्टेप डिलिवरी ‘फल, सब्जी आदि’ कुल 5827 वाहन लगाये गये हैं। डोर स्टेप डिलिवरी वाले प्रोविजन स्टोर की संख्या 5176 है। प्रोविजन स्टोर के माध्यम से डिलिवरी करने वाले व्यक्तियों की संख्या 19604 है। हाॅट स्पाॅट क्षेत्रों में कुल 94 प्रचलित सामुदायिक किचन हैं। निर्माण कार्यों से जुडे़ 18.08 लाख श्रमिकों, नगरीय क्षेत्र के 8.86 लाख श्रमिकों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के 6.71 लाख निराश्रित व्यक्तियों को रु0 1,000-1,000ध्- के आधार पर कुल 33.65 लाख लोगों को 336.45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। उन्हांेने बताया कि प्रदेश में 1127 फ्लोर मिल, 503 तिल मिल, 332 दाल मिल संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्थापित 5896 क्रय केन्द्रों के माध्यम से अब तक खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 310.30 लाख कुंतल, जबकि मण्डी परिषद द्वारा 84.60 लाख कुंतल, कुल 394.90 लाख कुंतल गेहूँ की खरीद की जा चुकी है।
        श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण के राज्यों से भी हम अपने कामगारों/श्रमिकों को प्रदेश में लाने में सफल हुए हैं। प्रदेश में अब तक 1649 टेªन से 22,26,254 लोगों को प्रदेश में लाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में अब तक 283 टेªन से 3,60,414 कामगार एवं श्रमिक आये हैं। उन्होंने बताया कि आगरा में 12, कानपुर में 17, लखनऊ में 127 टेªन, जौनपुर में 139, बरेली में 12, बलिया में 71, प्रयागराज में 64, प्रतापगढ़ में 76, रायबरेली में 22, वाराणसी में 123, अमेठी में 17, मऊ में 49, कन्नौज में 03, गाजीपुर में 33, बांदा में 21, सुल्तानपुर में 28, लखीमपुर खीरी में 01, हरदोई में 20, आजमगढ़ में 47, अयोध्या में 37, बाराबंकी में 12, सोनभद्र में 04, गोण्डा में 71, अम्बेडकरनगर में 25, सीतापुर में 13, फतेहपुर में 09, उन्नाव में 28, बस्ती में 89 टेªन, फर्रूखाबाद में 02, कासगंज में 09, चंदौली में 17, मानिकपुर (चित्रकूट) में 01, एटा में 01, जालौन में 02, इटावा मेें 01, रामपुर में 01, शाहजहांपुर में 01, अलीगढ़ में 06, मिर्जापुर में 11, देवरिया में 104, सहारनपुर में 04, चित्रकूट में 03, बलरामपुर में 19, झांसी में 05, कौशांबी में 01 टेªन, पीलीभीत में 01, भदोही में 04, मुजफ्फरनगर में 01, महाराजगंज में 01 एवं महोबा में 01 आ चुकी हैं। मुरादाबाद, मेरठ, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, हमीरपुर, बहराइच, में भी टेªन आ रही हैं।
        श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 548 ट्रेन से 7,98,089 लोग, महाराष्ट्र से 432 टेªन, पंजाब से 235 टेªन कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। इसके साथ ही तेलंगाना से 25, कर्नाटक से 58, केरल से 20, आन्ध्र प्रदेश से 14, तमिलनाडु से 41, मध्य प्रदेश से 04, राजस्थान से 39, गोवा से 17, दिल्ली से 103, छत्तीसगढ़ से 01, पश्चिम बंगाल से 04, उड़ीसा से 01 टेªन, त्रिपुरा से 01 टेªन, हिमाचल प्रदेश से 04 टेªन, असम से 01 टेªन, उत्तराखण्ड से 04, जम्मू-कश्मीर से 02 तथा उत्तर प्रदेश से 94 टेªन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कामगारों/श्रमिकों को पहुंचाया गया है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के ईंट भट्ठा श्रमिकों को उनके राज्य में भेजे जाने की व्यवस्था प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही है। प्रदेश सरकार द्वारा अब तक अन्य राज्यों के ईंट भट्टा श्रमिकों को 14 ट्रेन के माध्यम से ससम्मान उनके घर भेजा गया है तथा आज 09 ट्रेन के माध्यम से छत्तीसगढ़, उड़ीसा एवं झारखंड के ईंट भट्टा श्रमिकों को उनके घर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के ईंट भट्टा श्रमिकों को उनके घर भेजने के लिए लगभग 20 और ट्रेन की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेश के लोगों को जो अपने घर जाने के इच्छुक हैं उनको प्रदेश सरकार द्वारा सकुशल सम्मान के साथ उनके घर भेजा जायेगा।
        प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कल 13,388 सैम्पल की जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 4,66,081 सैम्पल की जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 5,064 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 8,610 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में करोना संक्रमण का रिकवरी दर 61.10 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रदेश में 5,081 मरीजों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है और उनका उपचार किया जा रहा है जबकि 7,436 लोगों को फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखा गया है, जिनके सैम्पल की जांच की जा रही है। पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 1335 पूल की जांच की गयी, जिसमें 1237 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 98 पूल 10-10 सैम्पल के रहे।
श्री प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 16,46,312 लाख कामगारों/ श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, जिनमें से 1455 लोगों में करोना जैसे कोई न कोई लक्षण पाया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1.21 लाख सर्विलांस टीम द्वारा 92,09,680 घरों के 4,72,53,258 करोड़ लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से जो अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है, अब तक 81,339 लोगों को कन्ट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी।- जयेन्द्र सिंह/ अभिषेक सिंह