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मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों के आगमन की संभावना से क्वारंटीन सेन्टरों की क्षमता को 15 लाख तक किए जाए - अवनीश अवस्थी
May 20, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 20 मई। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन स्थित मीडिया सेल में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की सम्मानजनक व सुरक्षित वापसी के लिए केन्द्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार ने निःशुल्क ट्रेन तथा बस की व्यवस्था की है। प्रवासी कामगार/श्रमिक स्वयं व परिवार के हितों को ध्यान में रखते हुए पैदल अथवा अवैध एवं असुरक्षित वाहनों से यात्रा न करें। उनकी सकुशल व सुरक्षित यात्रा के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार ने सभी प्रबन्ध किये हैं। उन्होंने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को ट्रेन तथा बस की सुरक्षित यात्रा के सम्बन्ध में जागरूक किए जाने के निर्देश दिए हैं। अब तक प्रदेश में 838 श्रमिक एक्सप्रेस से 14 लाख से अधिक प्रवासी कामगार/श्रमिक पहुंचे हैं। अगले दो दिन में 206 ट्रेने और आएंगी। इस प्रकार 1,044 ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी मण्डलायुक्त अपने-अपने मण्डल में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के आगमन, तत्पश्चात प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को बस द्वारा उनके गृह जनपद भेजे जाने की व्यवस्थाओं की नियमित माॅनिटरिंग करें। उन्होंने कहा है कि राज्य सड़क परिवहन निगम की 12 हजार बसें प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को उनके गृह जनपद पहुंचा रही हैं। इसके अलावा राज्य सरकार ने प्रत्येक जिलाधिकारी के निवर्तन पर 200 बस की व्यवस्था की है। इस प्रकार सभी 75 जनपदों में जिलाधिकारियों को कुल 15 हजार बसें अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराई गई हैं।मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को भोजन तथा पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद इनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित व सकुशल उनके गंतव्य तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने बाॅर्डर क्षेत्र के साथ-साथ टोल प्लाजा एक्सप्रेस-वे तथा प्रमुख चैराहों पर भी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के लिए भोजन एवं पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश में कोई भी भूखा न रहे। कम्युनिटी किचन के माध्यम से सभी जरूरमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने समस्त पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि अभी भी बड़ी संख्या में प्रवासी कामगारों/श्रमिकों का आगमन सम्भावित है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश में क्वारंटीन सेन्टरों की कुल क्षमता को 15 लाख तक किए जाने की व्यवस्था की जाए। इसी प्रकार कम्युनिटी किचन के माध्यम से 15 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन में साफ-सफाई तथा सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्क्रीनिंग के पश्चात होम क्वारंटीन के लिए घर भेजते समय प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को राशन किट उपलब्ध कराई जाए। होम क्वारंटीन अवधि पूरा करने वाले प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को एक हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता अवश्य दिया जाए। साथ ही, उनका राशन कार्ड बनवाते हुए खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने प्रत्येक गांव में अल्ट्रारेड थर्मामीटर की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हंै।  मुख्यमंत्री ने प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा कृषि उत्पादन आयुक्त को वृहद कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने औद्योगिक विकास विभाग तथा एम0एस0एम0ई0 विभाग को ऐसी कार्यक्रम तैयार करने को कहा है जिनके माध्यम से प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के लिए रोजगार का प्रबन्ध किया जा सके। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के लिए मनरेगा, ओ0डी0ओ0पी0, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, महिला स्वयं सहायता समूह, डेयरी, दुग्ध समितियों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, गौ-आश्रय स्थल, पौध नर्सरी, काॅमन सर्विस सेन्टर तथा स्कूल-काॅलेजों में रोजगार सृजन की सम्भावनाओं को चिन्हित किया जाए। प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए इनकी दक्षता की जानकारी आवश्यक है। इसलिए इनकी स्किल मैपिंग का कार्य निरन्तर जारी रखा जाए। इस सम्बन्ध में एक पोर्टल विकसित करने पर भी विचार किया जाए। मुख्यमंत्री ने एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों में कुल बेड की संख्या को बढ़ाकर एक लाख करने के निर्देश दिये थे लेकिन उन्होंने तत्काल 75 हजार बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इन अस्पतालों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए। नियमित सेनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। बायो-मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के समुचित प्रबन्ध किए जाएं। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि के लिए पूल टेस्टिंग की जाए।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि फ्रंट लाइन कोरोना वाॅरियर्स को मेडिकल इंफेक्शन से सुरक्षित रखने के लिए इन्हें संक्रमण से सुरक्षा के सभी साधन उपलब्ध कराए जाएं। संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकाॅल का पूरी तरह पालन करते हुए अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाओं को संचालित किया जाए। सभी जनपदों में पी0पी0ई0 किट, एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क, सेनिटाइजर, दवाई, अल्ट्रारेड थर्मामीटर, पल्स आॅक्सीमीटर आदि की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जनपदों में कार्यरत मुख्य चिकित्सा अधिकारियों तथा अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से नियमित संवाद रखते हुए कार्याें के सम्बन्ध में नियमित रिपोर्ट प्राप्त की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि भारत सरकार की नवीनतम गाइडलाइन्स के क्रम में लाॅकडाउन अवधि में अनुमन्य गतिविधियों का दायरा बढ़ा है। इसके दृष्टिगत सोशल डिस्टिेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने तथा भीड़ को एकत्र न होने देने के लिए पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग की जाए। पुलिस द्वारा बाजार आदि में नियमित तौर पर फुट पेट्रोलिंग की जाए। ग्रामीण इलाकों में भी सघन पेट्रोलिंग की जाए। हाई-वे, एक्सप्रेस-वे पर पी0आर0वी0-112 के माध्यम से पेट्रोलिंग का कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि मूल्य समर्थन योजना के तहत किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में क्रय केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने गेहूं क्रय केन्द्रों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये हैं , ताकि अधिक से अधिक किसान योजना का लाभ उठाकर अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकें। 
श्री अवस्थी ने बताया कि गोरखपुर में अब तक 129 टेªन से 1,57,715 कामगार एवं श्रमिक आये हैं। लखनऊ में 60 टेªन के माध्यम से 75,600 लोग आए हैं। वाराणसी में 43, आगरा में 10, कानपुर में 12, जौनपुर में 56, बरेली में 09, बलिया में 26, प्रयागराज में 32, रायबरेली में 12, प्रतापगढ़ में 30, अमेठी में 13, मऊ में 14, अयोध्या में 26, गोण्डा में 49, उन्नाव में 30, बस्ती में 33 टेªन जबकि आजमगढ़ में 22 टेªन आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 322 ट्रेन से 4,48,300 लोग, महाराष्ट्र से 167 टेªन से 2,11,585 लोग, पंजाब से 134 टेªन से 1,52,321 प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के अंदर भी टेªन चलाई गई हैं। टेªन एवं बसों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाये।  उन्होंने कहा कि प्रदेश में कहीं भी, किसी भी जनपद में कोई पैदल यात्रा न करे। प्रवासी कामगार/श्रमिक स्वयं तथा अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध व असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा न करें। सरकार समस्त प्रवासी श्रमिकों/कामगारों के लिए सुरक्षित यात्रा हेतु पर्याप्त बस एवं टेªन की व्यवस्था कर रही है। 
प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 72 जनपदों में 1955 मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 2918 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल 558 पूल टेस्ट किये गये जिसमेें 65 पूल पाॅजीटिव पाये गये। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से काॅल किया जा रहा है। अब तक कुल 23,780 लोगों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गयी है। इनमें 326 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है तथा 71 लोग कोविड-19 पाॅजीटिव पाये गये हैं, जिनमें से 41 लोग उपचारित होकर घर चले गये। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक प्रयोगशाला स्थापित किया जायेगा, जिससे संक्रमण की जांच स्थानीय स्तर पर ही की जा सके। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 83,804 निगरानी समिति के माध्यम से 67,64,024 घरों में रह रहे 3,38,07,714 लोगों से सम्पर्क किया गया है।- अशोक कुमार/अभिषेक सिंह /इंजेश सिंह