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मुख्यमंत्री ने कहा है कि ग्रामीण व शहरी इलाकों में निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए - अवनीश कुमार अवस्थी
May 16, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 15 मई। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन स्थित मीडिया सेल में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रवासी कामगारांे/श्रमिकों से अपील की है कि वे स्वयं तथा अपने परिवार को जोखिम में डालकर पैदल अथवा अवैध व असुरक्षित वाहन से घर के लिए यात्रा न करें। प्रदेश सरकार अपने सभी प्रवासी कामगारों/श्रमिकों की सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी के लिए युद्ध स्तर पर व्यवस्था सुनिश्चित करा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रवासी श्रमिकों/कामगारों को ट्रेन से प्रदेश में निःशुल्क ला रही है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि राज्य के बाॅर्डर क्षेत्रों में कोई भी प्रवासी कामगार/श्रमिक पैदल अथवा बाइक या ट्रक आदि अवैध तथा असुरक्षित वाहनों से न आने पाए। यदि ऐसा पाया जाए तो उक्त अवैध वाहन को तत्काल जब्त करते हुए कानूनी कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा है कि पुलिस पैदल चलने वालों को जागरूक करते हुए उन्हें रोके। उन्होंने इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
        श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को भोजन व पानी उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद उनकी स्क्रीनिंग करते हुए उन्हें सुरक्षित व सम्मानजनक ढंग से उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा है कि बाॅर्डर क्षेत्र के प्रत्येक जनपद में जिलाधिकारी के निवर्तन पर 200 बस रखने के आदेश पहले ही दिए गये हैं तथा प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को बस से भेजने के लिए धनराशि भी स्वीकृत है। लोग पैदल यात्रा न करें, इसके दृष्टिगत जिलाधिकारी बसों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि घर वापस आने वाले किसी भी प्रवासी कामगार/श्रमिक को कोई दिक्कत न हों। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रवासी कामगारांे/श्रमिकों के लिए क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। इनमें साफ-सफाई तथा सुरक्षा के समुचित प्रबन्ध किए जाएं। कम्युनिटी किचन के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त भोजन की व्यवस्था की जाए। 
      श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि ग्रामीण व शहरी इलाकों में निगरानी समितियों को सक्रिय रखा जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से इन समितियों के सदस्यों से नियमित संवाद बनाते हुए होम क्वारंटीन मंे रहने वाले प्रवासी कामगारों/श्रमिकों के निगरानी कार्य की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने  लाॅकडाउन को पूरी सख्ती से लागू रखने के निर्देश देते हुए कहा है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इस दौरान आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन सुचारू रूप से सतत कार्यशील रहे। उन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर बल देते हुए कहा है कि किसी भी दशा में कहीं भी भीड़ एकत्र न होने पाए। कोविड-19 के संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी स्वास्थ्य विभाग के प्रोटोकाॅल का पालन सुनिश्चित कराते हुए सभी मेडिकल काॅलेजों, नर्सिंग होम तथा अस्पतालों में मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं का संचालन कराया जाए। इस सम्बन्ध में यह सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सा टीम को संक्रमण से बचाव के बारे में प्रशिक्षित किया गया है तथा उनके लिए पी0पी0ई0 किट, एन-95 मास्क तथा सेनिटाइजर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
       श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रत्येक गांव में एक अल्ट्रारेड थर्मामीटर की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। टेस्टिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए पूल टेस्टिंग को अपनाया जाए। टेस्टिंग क्षमता को इस सप्ताह तक बढ़ाकर 10,000 टेस्ट प्रतिदिन किया जाए। उन्होंने यह निर्देश भी दिए हैं कि वेंटीलेटर के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जनपद में प्रशिक्षित चिकित्सक और पैरामेडिक्स की उपलब्धता अवश्य हो। उन्होंने कोविड अस्पतालों में 01 लाख बेड तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जी द्वारा 20 लाख करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी सम्बन्धित विभाग पैकेज के प्राविधानों का अध्ययन करते हुए कार्ययोजना तैयार करे, ताकि प्रदेश को विशेष आर्थिक पैकेज का शत-प्रतिशत लाभ मिल सके। उन्होंने कहा है कि जिला प्रशासन को विश्वास में लेकर, सोशल डिस्टेंसिंग तथा संक्रमण से सुरक्षा के सभी उपाय लागू करते हुए ही औद्योगिक इकाइयों का संचालन कराया जाए। 
       श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि जल-जीवन मिशन में उपलब्ध सम्भावनाओं को चिन्हित करते हुए प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को रोजगार के वैकल्पिक अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसी प्रकार निराश्रित गौवंश के लिए संचालित गौ-आश्रय स्थलों में भी रोजगार की व्यापक सम्भावनाएं हैं। आने वाले समय में आयोजित होने वाले वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए पौधे तैयार किए जा रहे हैं। गौ-आश्रय स्थलों के आर्थिक स्वावलम्बन की दृष्टि से गोबर से कम्पोस्ट बनाकर उसका उपयोग वन विभाग आदि की नर्सरियों में कराया जा सकता है।
         श्री अवस्थी ने बताया कि देश में सबसे अधिक प्रवासी कामगार उत्तर प्रदेश में आये हैं। प्रदेश में अब तक 450 टेªन के माध्यम से लगभग 5,64,000 प्रवासी कामगार एवं श्रमिक आये हैं। प्रदेश में आज 12 टेªन अन्य प्रदेशों से कामगारों/श्रमिकों को लेकर आ चुकी हैं तथा 76 टेªन और आज आ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रवासी श्रमिकों को लाये जाने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही टेªन में श्रमिकों का किराये का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। किसी भी श्रमिक को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन नं0 1076 पर अपनी समस्या दर्ज करा सकता है जिसका समुचित निवारण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गुजरात से 223 ट्रेन से 03 लाख लोग, महाराष्ट्र से 97 टेªन से 1,20,000 लोग, पंजाब से 78 टेªन से 90 हजार लोगों सहित तेलंगाना से 06, केरल से 05, तमिलनाडु से 04, आन्ध्र प्रदेश से 02, मध्य प्रदेश से 02, राजस्थान से 12, गोवा से 02 टेªन प्रवासी कामगारों/श्रमिकों को लेकर प्रदेश में आ चुकी हैं। 286 और टेªन की सहमति हो गई है जिसके माध्यम से लगभग 3.85 लाख प्रवासी कामगार/श्रमिक प्रदेश में आएंगे। इस प्रकार लगभग 9.50 लाख लोग प्रदेश में या तो आ चुके हैं या इनके आने की व्यवस्था की जा चुकी है।  
         श्री अवस्थी ने बताया कि कोरोना वायरस के दृष्टिगत प्रदेश में लाॅक डाउन अवधि में पुलिस विभाग द्वारा की गयी कार्यवाही में अब तक धारा 188 के तहत 47,189 लोगों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई। प्रदेश में अब तक 39,70,716 वाहनांे की सघन चेकिंग में 41,161 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान लगभग 18.51 करोड़ रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। आवश्यक सेवाओं हेतु कुल 2,36,242 वाहनों के परमिट जारी किये गये हैं। उन्होंने बताया कि कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 798 लोगों के खिलाफ 623 एफआईआर दर्ज करते हुए 283 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। फेक न्यूज के तहत अब तक 983 मामलों को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की गयी। आज (16 मई को) कुल 20 मामले, जिनमें ट्विटर के 08, फेसबुक के 10 और व्हाट्सअप के 02 मामले को संज्ञान में लिया गया हंै तथा साइबर सेल को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दिया गया है। फेक न्यूज के तहत अब तक कुल 40 एफआईआर पंजीकृत करायी गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 501 हाॅटस्पाॅट क्षेत्र के 333 थानान्तर्गत 7,54,976 मकान चिन्हित किये गये। इनमें 42,62,845 लोगों को चिन्हित किया गया है। इन हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों में कोरोना पाॅजिटिव पाये गये लोगों की संख्या 1815 है।
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में गेहूं खरीद के लिए 5838 क्रय केन्द्र स्थापित किये गये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा स्थापित क्रय केन्द्रों के माध्यम से 154.30 लाख कुंतल तथा मण्डी परिषद द्वारा 52 लाख कुंतल कुल 206.30 लाख कुंतल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत निर्माण कार्यों से जुड़े, नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के लगभग 32.07 लाख श्रमिकों एवं निराश्रित व्यक्तियों को भी एक-एक हजार रूपए की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की 78,999 औद्योगिक इकाइयों से संपर्क किया गया, जिनमें से 74,240 इकाइयों द्वारा अपने कार्मिकों को रु0 1604.52 करोड़ के वेतन का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्यों से जुड़े 17.29 लाख श्रमिकों, नगरीय क्षेत्र के 8.41 लाख श्रमिकों तथा ग्रामीण क्षेत्र के 6.37 लाख निराश्रित व्यक्तियों को एक-एक हजार रू0 के आधार पर कुल 32.07 लाख लोगों को 320.74 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।
       प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 72 जनपदों में 1718 मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 2327 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि कल 420 पूल टेस्ट किये गये जिसमेें 59 पूल पाॅजीटिव पाये गये। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से काॅल किया जा रहा है। अब तक कुल 8500 लोगों को फोन कर हाल चाल पूछा जा चुका है। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रदेशों से आ रहे प्रवासी कामगारों एवं श्रमिकों के घर आशा वर्कर्स जाकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ले रही हैं यदि उनमें किसी प्रकार का कोई लक्षण है तो उन्हें हाॅस्पिटल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो भी हाॅट स्पाॅट एरिया हैं उनमें 21 दिन तक यदि कोई भी संक्रमण नहीं आता है तो उसे हाॅट स्पाॅट क्षेत्र से मुक्त कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि मास्क अथवा फेस कवर को सभी लोगों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। बिना मास्क लगाये सार्वजनिक स्थल पर घूमना दण्डनीय हो गया है। ऐसा पाया जाने पर प्रथम एवं दूसरी बार 100 रू0, जबकि तीसरी बार या आगे हर बार 500 रू0 का जुर्माना लगाया जायेगा। दोपहिया वाहन पर एक व्यक्ति ही चल सकता है। एक से अधिक व्यक्ति होने पर प्रथम बार 250 द्वितीय बार 500 तथा तीसरी बार और आगे हर बार 1000 रू0 जुर्माना लगेगा। - जयेन्द्र सिंह/अशोक कुमार/इंजेश सिंह