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मुख्यमंत्री ने बलिया भ्रमण के दौरान आजमगढ़ मण्डल में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की
July 27, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 27 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज अपने जनपद बलिया भ्रमण के दौरान आजमगढ़ मण्डल में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने तीनों जनपद के प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग और डोर-टू-डोर सर्वे पर विशेष जोर दिया जाए। इसके लिए टीमें बनाकर उन्हें प्रशिक्षित करें और क्षेत्र में उनके कार्य पर नजर बनाए रखें। उन्होंने कहा कि कोरोना की जांच के लिए ज्यादा से ज्यादा टेस्ट किए जाएं।


      मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग शत-प्रतिशत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तीनों जनपदों में मिले मरीजों के हिसाब से जो काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग हुई है, वह पर्याप्त नहीं है। अतः इस पर विशेष फोकस किया जाए। यह भी ध्यान रहे कि काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग में नाम, पता व मोबाइल नम्बर सही दर्ज हो। हर एक पाॅजिटिव मरीज को चिन्हित कर आइसोलेट किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों से सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार हो। उनको फैसिलिटी सेंटर में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। शौचालय हमेशा साफ-सुथरा रहे। मरीजों को समय से गुणवत्तापूर्ण भोजन, मनोरंजन के लिए किसी सुरक्षित जगह पर टीवी, अखबार उपलब्ध कराया जाए। सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी व सी0एम0ओ0 को स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा करने के निर्देश दिए। मण्डलायुक्त व डी0आई0जी0 को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रतिदिन किसी न किसी जनपद में भ्रमण कर स्थिति की समीक्षा करें। प्रवर्तन कार्य में तेजी लायी जाए। मास्क नहीं पहनने पर चालान व जुर्माने की कार्यवाही लगातार जारी रहे। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि हर एल-1 अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे की माॅनीटरिंग की जाए।
     मुख्यमंत्री ने आजमगढ़ मण्डल के तीनों जनपदों के अधिकारियों से कोविड-19 की तैयारियों से सम्बन्धित जानकारी ली। उन्होंने बलिया में एल-2 अस्पताल में दस बेड होने की जानकारी मिलने पर बेडों की संख्या बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि हर बेड पर आॅक्सीजन की सुविधा सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार एल-1 फैसिलिटी सेंटर के भी पचास फीसदी बेड पर आॅक्सीजन की सुविधा हो। हर वाॅर्ड में पल्स आॅक्सीमीटर हो और नियमित चेकअप होता रहे। उन्होंने मऊ जनपद में एल-2 अस्पताल की सुविधा शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने तीनों जनपद के सीएमओ को निर्देश दिए कि सभी एडीशनल सीएमओ एवं डिप्टी सीएमओ के कार्य का निर्धारण कर उनको अन्य जिम्मेदारियां भी दी जाएं। मऊ में सरकारी अस्पताल में कोरोना पाॅजिटिव मरीजों की सैम्पलिंग की जानकारी मिलने पर उन्होंने कहा कि नाॅन कोविड अस्पताल में कोविड मरीज न जाएं। आजमगढ़ जनपद में आरटीपीसीआर लैब की स्थापना के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री ने कहा कि मेडिकल काॅलेज से समन्वय बनाकर लैब स्थापित करायी जाए। उन्होंने बलिया में भी लैब स्थापित करने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे के बाद एंटीजन किट से जांच में तेजी लाई जाए। इस बात का ध्यान रहे कि काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग व लक्षण वाले मरीजों तथा गंभीर बीमारी का उपचार कराने अस्पताल आने वाले मरीजों का ही इससे टेस्ट किया जाए। उन्होंने मऊ में कम टेस्ट होने पर जिलाधिकारी व सीएमओ को निर्देश दिए कि कम से कम एक हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाएं।
       मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बलिया व आजमगढ़ जनपदों में रोजाना 1000 से 1500 टेस्ट कराए जाएं। हर जनपद में दस हजार रैपिड किट दी जा चुकी हैं। तेजी से जांच करने पर हर दस दिन पर दस हजार किट उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए निगरानी समितियों को भी सक्रिय करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को विशेष निर्देश दिए कि नर्सिंग होम एसोसिएशन व आईएमए एसोसिएशन के साथ समन्वय बनाए रखें और उनका भी सहयोग लें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बलिया शहर में कोरोना के तेजी से फैलाव को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। पर्याप्त टीमें लगाकर घर-घर जाकर सर्वे किया जाए। बलिया के साथ रसड़ा पर भी विशेष फोकस कर वहां कोरोना के प्रसार पर अंकुश लगाया जाए। जहां ज्यादा केस आए हैं, वहां टीम बनाकर उनको मास्क, सैनिटाइजर, पल्स आॅक्सीमीटर व अन्य उपकरण देकर सर्वे कार्य में लगाएं। उन्होंने कहा कि पाॅजिटिव आने वाले मरीजों को तत्काल वाॅर्ड में शिफ्ट कर दिया जाए। किसी भी दशा में उनको एम्बुलेंस या अस्पताल के बाहर इंतजार न करना पड़े।
      मुख्यमंत्री ने तीनों जनपदों के सीएमओ से एम्बुलेंस की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोविड और नाॅन कोविड एम्बुलेंस अलग-अलग होनी चाहिए। कुल एम्बुलेंस में से पचास फीसदी एम्बुलेंस का उपयोग कोविड-19 से जुड़े सर्विलांस कार्य में करें। इस परिस्थिति में किसी भी एम्बुलेंस चालक या सहयोगी का भुगतान लम्बित नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा कहीं होता है तो आउटसोर्सिंग एजेंसी या सम्बन्धित जिम्मेदार पर मुकदमा दर्ज कर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री जी ने तीनों जिलों में स्थापित इंटीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर के कार्य में सुधार लाने की आवश्यकता जतायी। उन्होंने इन सेंटरों पर लैण्डलाइन फोन स्थापित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस सेंटर में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य व अन्य आवश्यक विभाग के लोग मौजूद रहें। मोबाइल फोन की जगह लैण्डलाइन फोन का ही इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने सर्विलांस की प्रक्रिया और डाटा फीडिंग के कार्य को और बेहतर ढंग से करने के निर्देश दिए।
      मुख्यमंत्री ने बलिया व मऊ में अस्थायी जेल स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डीआईजी को निर्देश दिए कि जिला जेल में अत्यंत तेजी से कोरोना के प्रसार के कारणों की जांच करें। उन्होंने कहा कि सप्ताह में पांच दिन कंटेनमेंट जोन को छोड़कर अन्य जगहों पर सारी गतिविधियां जारी रहंेगी। शनिवार व रविवार की बंदी में व्यापक तौर पर स्वच्छता व सफाई का कार्य होगा। इस बीच फाॅगिंग, छिड़काव का कार्य प्रभावी ढंग से कराया जाए। इसकी सूचना क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी दी जाए। जनप्रतिनिधि भी गांवों का भ्रमण कर लोगोें को स्वच्छता, सफाई व कोरोना से बचाव की सावधानियों के प्रति जागरूक करते रहें।
      मुख्यमंत्री ने खाद्यान्न वितरण व्यवस्था पर पैनी नजर रखने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें अगर कहीं शिकायत मिली तो सम्बन्धित की जवाबदेही तय होगी। खाद्यान्न वितरण में गडबड़ी के मामले में कोई दोषी मिले तो जिला प्रशासन तत्काल कड़ी कार्रवाई करे। बाहर से भारी मात्रा में आए प्रवासी मजदूरों को सूक्ष्म, लघु उद्यम आदि के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाए। इसके लिए रोजगार कार्यालय को सक्रिय कर इस कार्य में लगाया जाए। उद्योग, मनरेगा, कृषि या अन्य निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में इन मजदूरों के लिए रोजगार का अवसर ढूंढा जाए। बैंकों से लोन दिलवाकर स्वतः रोजगार के लिए प्रेरित किया जाए। समीक्षा बैठक में संसदीय कार्य राज्य मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे।
      इसके उपरान्त मुख्यमंत्री ने जिले में बाढ़ की तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में पानी आ गया है, वहां खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित कराया जाए। प्रशासनिक अधिकारी यह देख लें कि गांव में चारे की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में हो। उन्होंने पशुपालन विभाग को इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मेडिकल टीम भी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण करती रहे। बैठक में बलिया, मऊ व आजमगढ़ के प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन कक्ष में चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लिया। वाॅर्डों में मौजूद मरीजों से बातचीत की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उनसे सीधे जानकारी ली। उन्होंने सीएमएस को निर्देश दिए कि अस्पताल में हमेशा मरीजों को बेहतर चिकित्सा व्यवस्था मुहैया करायी जाए और सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।