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मुख्यमंत्री ने अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा में सभी चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था बनाए रखने पर बल दिया
August 1, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 1 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 पर प्रभावी नियन्त्रण के लिए प्रोएक्टिव होकर कार्य करने पर बल दिया है। उन्होंने कहा है कि इन्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर के माध्यम से बेहतर समन्वय बनाकर मरीजों को सभी चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराई जाएं।
        मुख्यमंत्री आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलाॅक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त संख्या में व्यवस्था बनाए रखी जाए। आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वेंटिलेटर्स का प्रबन्ध किया जाए। पोर्टेबल वेंटिलेटर्स की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर तथा झांसी मेडिकल काॅलेज में तत्काल अतिरिक्त वेंटिलेटर्स की व्यवस्था किए जाने के निर्देश भी दिए।
     मुख्यमंत्री ने प्रतिदिन 01 लाख से अधिक कोविड-19 के टेस्ट कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट आर0टी0पी0सी0आर0, ट्रूनैट मशीन तथा रैपिड एन्टीजन विधि से किए जाएं। एन्टीजन टेस्ट की संख्या को बढ़ाए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि रैपिड एन्टीजन टेस्ट किट की सुचारु उपलब्धता प्रत्येक जनपद में रहनी चाहिए।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीजों को सुविधाएं सुलभ कराने के लिए पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए कार्य किया जाए, जिससे प्रत्येक जरूरतमन्द को बेड, वेंटिलेटर, आॅक्सीजन आदि उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि होम आइसोलेशन के मरीजों से निरन्तर संवाद बनाकर उनकी स्थिति का प्रभावी अनुश्रवण किया जाए। उन्होंने बायो-मेडिकल वेस्ट को निर्धारित मानकों के अनुरूप निस्तारित करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चिकित्सा कर्मियों को मेडिकल संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए सभी प्रबन्ध किए जाएं। मेडिकल स्टाफ के लिए पर्याप्त संख्या में पी0पी0ई0 किट, मास्क, ग्लव्स तथा सेनेटाइजर आदि की निरन्तर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गोरखपुर के बाल रोग चिकित्सा संस्थान को आगामी 15 अगस्त तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध में आवश्यकतानुसार अधिक टीमें लगाकर राउण्ड द क्लाॅक कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि खाद्यान्न वितरण की प्रभावी व्यवस्था निरन्तर क्रियाशील रखी जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्यान्न वितरण का कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हो। गो आश्रय स्थलों से जनप्रतिनिधियों सहित अन्य समाजसेवियों को भी जोडे़ जाने पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि गो आश्रय स्थलों की व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए निरन्तर प्रयास किए जाएं।
       मुख्यमंत्री ने बाढ़ से प्रभावित लोगों को हर सम्भव राहत और मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ ग्रस्त इलाकों में प्रभावित जनता को सूखे राशन के राहत पैकेट वितरित किए जाएं। राहत कार्य में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता एवं सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहत के सम्बन्ध में किए जा रहे प्रयासों की मीडिया को ब्रीफिंग के माध्यम से नियमित रूप से जानकारी दी जाए। उन्होंने राज्य मुख्यालय के साथ-साथ प्रभावित जनपदों में भी मीडिया ब्रीफिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि सभी त्योहारों को शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए पूरी सावधानी बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे। पुलिस द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग की जाए। सोशल डिस्टेंसिंग के पालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ एकत्र न होने पाए। उन्होंने कहा कि रक्षाबन्धन के पर्व पर राज्य सड़क परिवहन निगम द्वारा सभी रूटों पर बस सेवा संचालित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद स्तर पर स्थापित जिला सेवायोजन कार्यालयों को सक्रिय किया जाए। कार्यालय द्वारा रोजगार की उपलब्धता तथा जिन्हें रोजगार दिलाया गया, उनकी संख्या सेवायोजन पोर्टल पर प्रतिदिन अपडेट की जाए। उन्होंने सेवायोजन पोर्टल को प्रभावी ढंग से कार्यशील रखने के निर्देश भी दिए।
      इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल, अपर मुख्य सचिव राजस्व श्रीमती रेणुका कुमार, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार एवं सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य हेकाली जिमोमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।