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मंत्रिपरिषद ने शॉपिंग माल्स में विदेशी मदिरा, स्काच आदि की बिक्री का मार्ग प्रशस्त किया
May 23, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 23 मई। प्रदेश में माल्स में कतिपय श्रेणियों की मदिरा की बिक्री का मार्ग प्रशस्त करते हुये मंत्रिपरिषद द्वारा उतर प्रदेश आबकारी (विदेशी मदिरा के प्रीमियम फुटकर विक्रय के लाइसेंसों का व्यवस्थापन) नियमावली, 2020 को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है। 
     संजय आर. भूसरेड्डी, प्रमुख सचिव आबकारी विभाग, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में विदेशी मदिरा  की बिक्री फुटकर दुकानों एव  माडल शाप्स में होती है। पूर्व में माल्स में विदेशी मदिरा की फुटकर बिक्री के प्राविधान नहीं थे। सील्ड बोतलों में माल्स में विदेशी मदिरा की बिक्री हेतु प्रपत्र वि म-4-ग में लाइसेंस स्वीकृत किये जायेंगे। यह दुकानें वर्तमान में संचालित दुकानों के अतिरिक्त होंगी। 
      यह भी अवगत कराया गया कि किसी भी पात्र व्यक्ति, कम्पनी, भागीदारी फर्म,  प्रोपराइटरी फर्म अथवा सोसाइटी द्वारा प्राप्त किये जा सकते है। माल जिनमें ऐसी दुकाने खोली जायेंगी, का न्यूनतम प्लिंथ ऐरिया 10000 वर्ग फीट होना चाहिये जिसमें डिपार्टमेंटल स्टोर्स या सुपर मार्केट या  हाइब्रिड हाइपर मार्केट सम्मिलित हैं। प्रीमियम रिटेल वेंण्ड में न्यूनतम 500 वर्ग फीट का कार्पेट एरिया होना चाहिये और इनमें  ग्राहकों को  प्रवेश करने तथा अपनी इच्छानुसार शेल्फ से ब्राण्ड चुनने की सुविधा प्रदान की जायेगी। दुकान सुसज्जित शेल्फ सहित वातानुकूलित होगी जिससे कि विभिन्न प्रकार के ब्राण्ड शेल्फ में व्यवस्थित ढंग से प्रदर्शित किये जा सकें।
     प्रीमियम रिटेल वेंण्ड केवल आबकारी आयुक्त द्वारा अधिकृत श्रेणियों की विदेशी मदिरा की बिक्री कर सकेंगे। वेण्ड के परिसर में मदिरा के सेवन की अनुमति नहीं होगी। प्रीमियम रिटेल वेंण्ड केवल निम्नलिखित की बिक्री कर सकते है। 
1.  आयातित विदेशी मदिरा ब्राण्ड (बीआईओ)।
2.  भारत निर्मित विदेशी मदिरा के स्काच या इससे उच्च श्रेणी के ब्राण्ड। 
3.ब्राण्डी, जिन और वाइन के समस्त ब्राण्ड।
4. वोदका एवं रम के रुपया 700.00 से अधिक अधिकतम फुटकर मूल्य वाले ब्राण्ड।
5.रुपया 160.00 या इससे अधिक प्रति 500 एम0एल0 कैन के अधिकतम फुटकर मूल्य वाली या इसके समतुल्य बीयर ब्राण्ड। 
माल्स में खरीददारी के बढते प्रचलन को देखते हुये मदिरा के प्रीमियम ब्राण्डो की माल्स में बिक्री की अनुमति देते हुये नियमावली बनायी गयी है। इन दुकानों द्वारा अच्छी खरीददारी के अनुभव के साथ ही भारतीय एवं आयातित मदिरा के विविध प्रकार के ब्राण्डों तक पारखियों की पहॅुच तथा चयन की सुविधा प्रदान की जायेगी।- धर्मवीर खरे