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लोक निर्माण विभाग के अभियन्ता प्रदेश में विश्व की सबसे अच्छी सड़कें बनाने का संकल्प लें - केशव प्रसाद मौर्य
June 23, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 23 जून। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लोक निर्माण विभाग के अभियन्ताओं का आह्वान किया है कि वह देश व प्रदेश की ही नहीं, विश्व की सबसे अच्छी सड़कें बनाने का संकल्प लें। उन्होने कहा कि विभाग में प्रतिभा, हुनर और अनुभव की कोई कमी नहीं है, विभाग में पूल आॅफ टैलेन्ट है, इसका हमें भरपूर उपयोग करना है। युवा इंजिनीयरों को मोटीवेट करते हुये उनकी उपयोगिता को सार्थक व सफल बनाना है। श्री मौर्य आज लोक निर्माण विभाग मुख्यालय के सभागार में विभाग में तैनात किये गये नये सहायक अभियन्ताओं की प्रतिभा का सार्थक व सफल उपयोग करने हेतु आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।  
श्री मौर्य ने सहायक अभियन्ताओं से सीधे संवाद करते हुये उनके सुझाव व समस्याएं भी सुनीं तथा उनमें नयी उर्जा व उत्साह का संचार करते हुये उनके कर्तव्यों व दायित्वों का न केवल बोध कराया, बल्कि यह भी कहा कि वह लोक निर्माण विभाग का भविष्य हैं। देश के विकास में इंजिनीयरों का बहुत बड़ा योगदान रहा है। वह अपने कार्यों से विभाग की छवि तो बनायें ही साथ ही, ऐसी सड़कों का निर्माण करें, जो देश ही नहीं दुनिया के लिये रोल माॅडल बनें। उन्होने कहा परियोजनाएं बनाते समय दीर्घकालीन सोच रखी जाय और ऐसी सड़कें बनें कि आने वाली पीढ़ीयों के लिये भी बहुपयोगी सिद्ध हों। उपमुख्यमंत्री ने सभी युवा इंजिनीयरों से कहा कि वह अपने अन्य संस्थानों से लिये गये अनुभवों को साझा करते हुये सभी लोग ऐसे तीन सुझाव दें, जिससे सड़कें मजबूत बनें और उनकी लागत कम हो तथा कार्यों में पूरी पारदर्शिता रहे, कहीं भी धन की बर्बादी न हो, कार्य की गुणवत्ता बरकरार रहे। उन्होने कहा कि किसी के भी दबाव में कोई गलत कार्य नहीं करना है तथा मानकों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करना है। उन्होने कहा ऐसी योजनाएं बनायी जांये जिससे सड़कों व भवनों आदि के निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के ही अन्दर पूर्ण हों।
भारत रत्न (इं0) विश्वेश्वरैया का उदाहरण देते हुये उन्होने कहा कि अभियन्ता उनके गौरव और गरिमा के अनुरूप कार्य करके भारत रत्न प्राप्त करने का प्रयास करें। श्री मौर्य ने हर्बल रोड, प्लास्टिक रोड, डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम गौरव पथ, मेजर ध्यानचन्द मार्ग आदि की चर्चा करते हुये अन्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होने कहा कि हम सबका सामाजिक दायित्व है कि हम देश व समाज के निर्माण में अपना योगदान दें और संकट की घड़ी में भी लोगों के साथ खड़ें हों और कोरोना संकट की घड़ी में लोक निर्माण विभाग ने लोगों की सेवा के अनुकरणीय व उल्लेखनीय कार्य किये हैं।
उ0प्र0 सड़कों के निर्माण में नयी तकनीक का प्रयोग करने में अग्रणी रहा है। अन्य प्रदेशों द्वारा लोक निर्माण विभाग, उ0प्र0 का अनुकरण किया जा रहा है। नवीन तकनीक के उपयोग से लागत और सामग्री की खपत में 20 से 25 प्रतिशत तक की कमी आती है। नयी तकनीक का प्रयोग करके विभाग द्वारा वर्ष 2018-19 में लगभग रू0 942 करोड़ एवं वर्ष 2019-20 में लगभग रू0 1246 करोड़ की बचत की गयी, साथ ही कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आयी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में वेस्ट प्लास्टिक से मार्गों के नवीनीकरण एवं निर्माण के कार्य भी सफलतापूर्वक कराये गये हैं। उन्होने प्लास्टिक रोडों के निर्माण पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश दिये, कहा कि इससे जहां लागत में कमी आयेगी, वहीं सड़कें भी मजबूत बनेंगी और पर्यावरण प्रदूषण कम होगा तथा वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग भी हो सकेगा। उन्होने इंजिनीयरों को निर्देश दिये कि वह ऐसी तकनीक विकसित करने का प्रयास करें कि बारिश के दिनों में भी सड़कें पूरी गति के साथ बनायी जा सकें।
      उन्होने कहा कि विभाग के उच्च अधिकारी, निचले स्तर के अधिकारियों जैसे- अवर अभियन्तओं व सहायक अभियन्ताओं से लगातार संवाद बनाये रखें और उनकी कठिनाईयों को भी साझा करें तथा समय से उनका समाधान भी करें। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग में एक त्रैमासिक मैगजीन निकाली जाय, जिसमें सड़कों के निर्माण सहित अन्य तकनीकी गतिविधियों के विचार व सुझाव प्रकाशित हों, तो इससे काफी फायदा होगा और विभाग की नवीनतम जानकारी भी सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को प्राप्त होती रहेगी। उन्होने विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये कि वह सहायक अभियन्ताओं को तत्काल सी0यू0जी0 उपलब्ध करायें और उनके लिये कम्प्यूटरों की पर्याप्त उपलब्धता भी सुनिश्चित करायी जाय।