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कोविड-19 से प्रभावित व्यक्तियों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराये जाएँ - अवनीश कुमार अवस्थी
July 30, 2020 • AMIT VERMA • राष्ट्रीय

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 30 जुलाई। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि कोविड-19 से प्रभावित व्यक्तियों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इसके लिए धन की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जनपदों में इसके लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा है कि 25 लाख से कम जनसंख्या वाले जनपदों को 3 करोड़ रुपये तथा 25 लाख से अधिक आबादी वाले जिलों को 5 करोड़ रुपये तत्काल उपलब्ध कराये जाएं। उन्होंने कहा है कि जनपद स्तर पर कोविड-19 की उपचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए इस धनराशि का व्यय जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की कमेटी की संस्तुति पर किया जाए।
       श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति को कोविड चिकित्सालय में बेड उपलब्ध होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि एल-2 तथा एल-3 कोविड अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में बेड की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी कोविड अस्पतालों में सीनियर डाॅक्टरों द्वारा राउण्ड लिया जाए। कोविड चिकित्सालयों में आॅक्सीजन सहित सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ अस्पताल की श्रेणी के आधार पर वेन्टिलेटर की भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। होम आइसोलेशन के मरीजों की माॅनीटरिंग के लिए तकनीक का उपयोग किया जाए। मेडिकल टेस्टिंग में और वृद्धि करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा है कि प्रतिदिन एक लाख से अधिक टेस्ट निरन्तर किये जाएं। आर0टी0पी0सी0आर0 से 40 हजार टेस्ट तथा रैपिड एण्टीजन टेस्ट विधि से 65 हजार टेस्ट प्रतिदिन किये जाएं।
       श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निदेशक, एस0जी0पी0जी0आई0 को कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, झांसी तथा गोरखपुर के मेडिकल काॅलेजों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजने के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा है कि इन जनपदों में कोविड-19 की उपचार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विशेष प्रयास किये जाएं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के भ्रमण के दौरान सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मेडिकल काॅलेज के प्रिंसिपल, सीनियर फैकल्टी, कोविड अस्पतालों के प्रभारी डिप्टी सी0एम0ओ0 तथा वेन्टिलेटर संचालक उपस्थित रहेंगे। उन्होंने जनपद लखनऊ में आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करने के लिए एक टीम के गठन के भी निर्देश दिये हैं। यह कोविड चिकित्सालयों का भ्रमण कर इन अस्पतालों की चिकित्सा व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त करेगी तथा आवश्यकतानुसार अन्य प्रबन्ध भी सुनिश्चित कराएगी।
 श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने महानिदेशक, स्वास्थ्य को प्रत्येक कोविड अस्पताल के प्रभारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी से एवं महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा को प्रत्येक मेडिकल काॅलेजों के प्रिंसिपल से निरन्तर संवाद बनाये रखने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा है कि काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग, डोर टू डोर सर्वे कार्य तथा कोविड संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों के एण्टीजेन टेस्ट की व्यवस्था का प्रभावी संचालन जारी रखा जाए। प्रत्येक जनपद में एल-2 कोविड अस्पताल स्थापित किया जाए। इस कार्य के लिए एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि ‘108’ एम्बुलेंस सेवा की 50 प्रतिशत एम्बुलेंस कोविड मरीजों के लिए तथा शेष 50 प्रतिशत नाॅन-कोविड मरीेजों के लिए उपयोग की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड कार्य में लगी एम्बुलेंस को कोविड प्रकरणों में ही इस्तेमाल किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि एम्बुलेंस कर्मियों को वेतन, मास्क, ग्लव्स आदि की समस्या नहीं आनी चाहिए। उन्होंने सर्विलान्स कार्य हेतु आवश्यकतानुसार वाहनों की व्यवस्था किये जाने के भी निर्देश दिये हैं।
     श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि लखनऊ स्थित एस0जी0पी0जी0आई0 तथा किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (के0जी0एम0यू0) में भर्ती कोविड मरीजों के लिए कुछ प्राईवेट रूम्स की भी व्यवस्था की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन दोनों चिकित्सा संस्थानों में कोविड-19 के उपचार के लिए कन्फम्र्ड कोविड रोगी ही सन्दर्भित किये जाएं। उन्होंने कहा कि एस0जी0पी0जी0आई0, के0जी0एम0यू0 तथा डाॅ0 राम मनोहर लोहिया चिकित्सा संस्थान में भर्ती कोविड रोगियों में से जिन्हें डायलिसिस की आवश्यकता हो उन्हें यह सुविधा उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर के बाल रोग चिकित्सा संस्थान को 15 अगस्त, 2020 तक प्रत्येक दशा में तैयार करने के निर्देश दिये हैं।
      श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कल महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए एक विशेष रूप से प्रशिक्षित उत्तर प्रदेश प्रशिक्षित सिक्योरिटी फोर्स के गठन का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सुरक्षा मामलांे में और मजबूती से कार्य किये जाने के लिए निर्णय लिया गया है। मा0 उच्च न्यायालय, जिला न्यायालयों, राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अन्य न्यायालयों, प्रशासनिक कार्यालयों, पूजा स्थलों, मेट्रों, हवाई अड्डो, बैंकों, वित्तीय संस्थानों एवं औद्योगिक उपक्रमों में लगाये जाने हेतु इस फोर्स का गठन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इसे प्रारम्भ कर दिया जायेगा। मंत्रिपरिषद द्वारा इसे प्रथम चरण में पांच वाहिनी से प्रारम्भ किये जाने का निर्णय लिया गया है। 
 श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष- कोविड केयर फण्ड से कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु प्रदेश के मेडिकल काॅलेज/ मेडिकल संस्थानों/चिकित्सा संस्थानों के उपयोगार्थ 100 थर्मल स्कैनर, 13000 इन्फ्रारेड थर्मामीटर, 3,84,080 एन-95 मास्क तथा 3,63,280 पी0पी0ई0 किट क्रय करने हेतु   33.52 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। कोरोना संक्रमण की जांच की क्षमता विस्तार हेतु के0जी0एम0यू0, एस0जी0पी0जी0आई0 एवं बी0आर0डी0, मेडिकल कालेज, गोरखपुर त्वबीम ब्वइंे 6800 निससल पदजमहतंजमक ंदक ंनजवउंजमक ेलेजमउ वित बवअपक.19 के क्रय हेतु 31,42,04,882 रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 21 मेडिकल काॅलेजों/संस्थानों को कुल 121 वेंटिलेटर क्रय करने हेतु 15.73 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। 
      श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश के 06 राजकीय मेडिकल काॅलेजों एवं 05 चिकित्सा संस्थानों- के0जी0एम0यू0, एस0जी0पी0जी0आई0, आर0एम0एल0 इंस्ट्टीयूट, लखनऊ, जी0आई0एम0एस0, गे्रटर नोएडा, एम्स, सैफई इटावा, कानपुर मेडिकल काॅलेज, आगरा मेडिकल काॅलेज, प्रयागराज मेडिकल काॅलेज, मेरठ मेडिकल काॅलेज, झांसी मेडिकल काॅलेज एवं गोरखपुर में 14 आॅटोमेडेड न्यूक्लीस एसिड एक्सट्रैक्शन सिस्टम (96 वैल) के स्थापना हेतु 6,14,22,024 रूपये स्वीकृत किये गये है। साथ ही इनके संचालन हेतु किट्स कन्ज्यूमेबिल्स के क्रय हेतु 18,51,92,640 रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। 
 श्री अवस्थी ने बताया कि एम्स गे्रटर नोएडा तथा सुपर स्पेशियलिटी बाल चिकित्सालय, नोएडा, मेडिकल काॅलेज शाहजहांपुर की बी0एस0ल0-2 लैब को बी0एस0ल0-3 की उच्चीकरण हेतु 13.50 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि मण्डलीय चिकित्सालय मुरादाबाद, बरेली, विध्यांचल एवं गोण्डा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, संयुक्त चिकित्सालय वाराणसी एवं अलीगढ़ तथा राजकीय मेडिकल काॅलेज जालौन, अम्बेडकरनगर, सहारनपुर, बांदा, बदाॅयू, आजमगढ़ एवं स्वशासीय राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, अयोध्या, फिरोजाबाद, बस्ती एवं बहाराइच में बी0एस0ल0-2 लैब की स्थापना हेतु 19.40 करोड़ रूपये स्वीकृत किये गये है। इसके अतिरिक्त 14 अल्ट्रासाउण्ड मशीनों को क्रय किये जाने हेतु 4.10 करोड़ रूपये, 10 हीमोडायलिसिस मशीन विद मोबाइल/फिक्स पोर्टेबल वाॅटर ट्रीटमेंट प्लान एवं आर0ओ0 सिस्टम के क्रय हेतु 34.90 करोड़ रूपये तथा 11 काॅलेजों को उपयोगार्थ डिजिटल एक्स-रे मशीन क्रय किये जाने हेतु 5.55 करोड़ रूपये स्वीकार किये गये है। श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश के राजकीय मेडिकल कालेजों/संस्थानों में लगी ट्रूनेट-रियल टाइम क्वान्टीटेटिव माइक्रो पीसीआर मशीन हेतु किट्स के क्रय के लिये 4,43,52,000 रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। प्रदेश के 11 मेडिकल काॅलेजों एवं संस्थानों के उपयोगार्थ रेमडेसिवर 100 एम0जी0 की 8000 तथा टासिलीजुमैब 400 एम0जी0 की 300 वाॅयल क्रय करने हेतु 3,54,56,000 रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ ही जैम पोर्टल के माध्यम से 15 ए0एल0एस0 एम्बुलेंस हेतु 3.30 करोड़ रूपये एवं 50 सामान्य एम्बुलेंस हेतु 06 करोड़ रूपये, इस प्रकार 9.30 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने बताया कि कोविड फण्ड में प्राप्त 412 करोड़ रूपये के सापेक्ष लगभग 200 करोड़ रूपये चिकित्सा उपकरणों एवं दवाइयों के लिये तथा 153 करोड़ अन्य प्रदेशों से आये श्रमिकों के लिए स्वीकृत किये गये है। 
       श्री अवस्थी ने बताया कि गृह विभाग की धारा 188 के तहत 1,60,379 एफआईआर दर्ज करते हुये 3,32,077 लोगों को नामजद किया गया है। प्रदेश में अब तक 1,09,58,618 वाहनांे की सघन चेकिंग में 65,645 वाहन सीज किये गये। चेकिंग अभियान के दौरान 54,94,25,882 रूपए का शमन शुल्क वसूल किया गया। कालाबाजारी एवं जमाखोरी करने वाले 1,037 लोगों के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत 775 एफआईआर दर्ज किये गये है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 7,624 हाॅट स्पाॅट के 1055 थानान्तर्गत 12,29,423 मकानों के 72,74,881 लोगों को चिन्हित किया गया है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल एक दिन में 88,967 सैम्पल की जांच की गयी, जिसमें 51,484 रेपिड एन्टीजन टेस्ट तथा शेष आर0टी0पी0सी0आर0, ट्रूनेट मशीन तथा अन्य विधि से जांच की गयी। उन्होेंने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य काफी तीव्र गति से किया जा रहा है। कोरोना जांच प्रारम्भ होने की तिथि से विगत 24 जून तक 6 लाख टेस्ट किये गये थे, जबकि 24 जून से अब तक 16 लाख सैम्पल की टेस्टिंग की जा चुकी है। इस प्रकार कोविड-19 की जांच में 22 लाख का आकड़ा पार करते हुए प्रदेश में अब तक 22,09,810 सैम्पल की जांच की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटंे में कोरोना के 3,765 नये मामले आये है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 32,649 कोरोना के मामले एक्टिव हैं, जिसमें 7,198 मरीज होम आइसोलेशन में, 1,112 प्राइवेट हास्पिटल में तथा 172 मरीज एल-1़ सेमी पेड फैसलिटी में तथा इसके अतिरिक्त शेष कोरोना संक्रमित एल-1, एल-2, एल-3 के कोविड अस्पतालों में है। अब तक 46,803 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 3159 पूल की जांच की गयी, जिसमें 2,963 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 196 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी।
      श्री प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में सर्विलांस की कार्यवाही के अन्तर्गत 2,01,128 सर्विलांस टीम द्वारा 1,44,87,398 घरों के 7,33,65,102 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 5,19,783 लोगों को कंट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी। श्री प्रसाद ने बताया कि उन्होंने बताया कि सभी जनपदों में स्टैटिक बूथ बनाये गये है जहां पर कोई भी व्यक्ति अपनी जांच करा सकता है। उन्होंने बताया कि ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से लोग चिकित्सीय परामर्श प्राप्त कर सकते है। टेलीमेडिसिन के पर्चें पर सरकारी अस्पतालों से भी दवाएं ली जा सकती है।
       प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 08 जनपदों के 17 तहसीलों के 240 गांवों बाढ़ से प्रभावित है। इनमें बाराबंकी के 57, अयोध्या के 02, कुशीनगर के 09, गोरखपुर के 80, आजमगढ़ के 14, बस्ती के 07, संत कबीरनगर के 68 व सीतापुर के 03 गांव प्रभावित है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से 65,564 लोग प्रभावित हैं। बाढ़ से अब तक 07 जनपदों बाराबंकी, बस्ती, गोण्डा, कुशीनगर, मऊ, संतकबीर नगर, सीतापुर में 8,408.6 हेक्टेअर बोया गया क्षेत्रफल प्रभावित हुआ हैं। श्री गोयल ने प्रदेश में दो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इनमें शारदा नदी, लखीमपुरखीरी में अपने खतरे के निशान से 08 सेमी0 ऊपर तथा सरयू नदी, बलिया में अपने खतरे के निशान से 16 सेमी0 ऊपर बह रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है। कही भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 06 जनपदों में बहराइच, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, श्रावस्ती, प्रयागराज में एन0डी0आर0एफ0 व 06 जनपदों कुशीनगर, गोरखपुर, बलरामपुर, प्रयागराज, मुरादाबाद में एस0डी0आर0एफ0 तथा 05 जनपदों बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, गोण्डा, श्रावस्ती में पी0ए0सी0 की तैनाती की गयी है। 
        श्री गोयल ने बताया कि बाढ़/अतिवृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 05 किलो लाई, 02 किलो भूना चना, 02 किलो अरहर की दाल, 500 ग्रा0 नमक, 250 ग्रा0 हल्दी, 250 ग्रा0 मिर्च, 250 ग्रा0 धनिया, 05 ली0 केरोसिन, 01 पैकेट मोमबत्ती, 01 पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, 01 ली0 रिफाइन्ड तेल, 100 टेबलेट क्लोरीन एवं 02 नहाने के साबुन वितरित किये जा रहे है। प्रभावित गांवों के पशुओं के लिये चारे हेतु 05 किलो भूसा प्रतिदिन प्रति पशु इत्यादि की व्यवस्था की जा रही है। 
सम्पर्क सूत्र: अमित कुमार शुक्ला/जयेन्द्र सिंह/ इंजेश सिंह/धर्मवीर खरे