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केशव प्रसाद मौर्य ने बुन्देलखण्ड में चालू परियोजनाओं पर निगरानी हेतु सीडीओ को निर्देशित किया
November 20, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 19 नवंबर। उ0प्र0 शासन द्वारा बुन्देलखण्ड विकास निधि (राज्यांश) के अन्तर्गत हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी व चित्रकूट की 9 परियोजनाओं के लिये 03 करोड़ 18 लाख 45 हजार की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ0प्र0 शासन, लोक निर्माण अनुभाग-14 द्वारा जारी किये गये हैं।
         इन 09 परियोजनाओं में जनपद हमीरपुर की 3 परियोजनाएं, झांसी व चित्रकूट की 2-2 परियोजनाएं तथा महोबा व जालौन की 1-1 परियोजना है। इन परियोजनाओं के लिये कुल रू0 7 करोड़ 95 लाख 45 हजार का आवंटन किया जा चुका है तथा कुल स्वीकृत लागत रू0 16 करोड़ 4 हजार है।
इन परियोजनाओं के तहत जनपद चित्रकूट में विकास खण्ड मऊ के ग्राम अहिरपुरवा, मजरा खण्डेहा के सामने स्थित नहर पटरी से दानूबाबा देव स्थान तक पक्के सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य तथा इसी विकास खण्ड के ग्राम मुरका राष्ट्रीय राजमार्ग से ग्राम मुजरा तक पक्के मार्ग का निर्माण कार्य, जनपद झांसी में निवि से खिरियाराम होते हुये सिमथरी सम्पर्क मार्ग व ग्राम-नन्दसिया से ग्राम-नन्दखास सम्पर्क मार्ग, जनपद हमीरपुर में झिरमौली का डेरा तक सम्पर्क मार्ग का नवनिर्माण कार्य, केवट का डेरा सम्पर्क मार्ग का नवनिर्माण कार्य व चन्दुली अहीर सम्पर्क मार्ग का नवनिर्माण कार्य, जनपद जालौन में अनघौरा से परावर (मध्य प्रदेश सीमा तक) सम्पर्क मार्ग का निर्माण कार्य तथा जनपद महोबा में केन्द्रीय विद्यालय दिसरापुर सम्पर्क मार्ग के निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।
         जारी शासनादेशों में सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिये निर्देशित किया गया है कि आवंटित धनराशि उन्ही परियोजनाओं पर मानक एवं विशिष्टियों के अनुरूप व्यय की जाय, जिनके लिये आवंटन किया गया है। इस धनराशि का उपयोग अन्य किसी प्रयोजन के लिये न किया जाय, इससे इतर वित्तीय अनियमितता होगी, जिसका सम्पूर्ण दायित्व सम्बन्धित मुख्य विकास अधिकारी का होगा।
         उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि स्वीकृत कार्य के अवशेष कार्य कड़ी निगरानी में समयबद्ध ढ़ंग से पूर्ण किये जांय, और यह सुनिश्चित किया जाय कि आवंटित धनराशि का कहीं भी दुरूपयोग न होने पाये।