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डीजीपी ने उ० प्र० पुलिस में पारदर्शिता हेतु पी0पी0एस0 आदि की सम्पत्ति की घोषणा को अनिवार्यता हेतु शासन को पत्र लिखा
January 28, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 28 जनवरी। ओ0पी0 सिंह, पुलिस महानिदेशक द्वारा आज दिनांक 28.01.2020 को उत्तर प्रदेश पुलिस में शुचिता एवं पारदर्शिता लाने के लिये पी0पी0एस संवर्ग एवं अराजपत्रित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा प्रति वर्ष चल अचल सम्पत्ति के क्रय विक्रय की घोषणा को अनिवार्य किये जाने हेतु शासन को पत्र लिखा।
 प्रथम नियुक्ति के समय और तदुपरान्त हर पाॅंच वर्ष की अवधि बीतने पर प्रत्येक सरकारी कर्मचारी सामान्य मार्ग के जरिये, नियुक्ति करने वाले प्राधिकारी को ऐसी सभी अचल सम्पत्ति की घोषणा करेंगे, जिसका वह स्वामी हो, जिसे उसने स्वयं अर्जित किया हो या जिसे उसने दान के रूप में पाया हो या जिसे वह पट्टा या रहन पर रखे हो और ऐसे हिस्सों का या अन्य लगी हुई पूॅंजियों की घोषणा करेगा जिन्हें वह समय-समय पर रखे हो या अर्जित करे या उसकी पत्नी या उसके साथ रहने वाले या किसी प्रकार भी उस पर आश्रित उसके परिवार के किसी सदस्य द्वारा रखी हुयी हो या अर्जित की गई  हो।
 भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों हेतु चल अचल सम्पत्ति का विवरण प्रति वर्ष कैलेण्डर वर्ष के शुरूआत में 15 जनवरी तक दिया जाना अनिवार्य है । उत्तर प्रदेश पुलिस में पी0पी0एस0 संवर्ग एवं अराजपत्रित कर्मचारियों हेतु उपरोक्त नियमावली के अनुसार प्रस्तर-24 (3) में दिये गये नियमों के अनुसार ऐसा विवरण 05 वर्ष की अवधि पर दिया जाना है। 
 नियमावली के प्रस्तर 24 (2) में 05 वर्ष के दौरान अन्तरिम समय में सम्पत्ति क्रय/विक्रय किये जाने पर सूचना/अनुमति तत्काल समुचित प्राधिकारी को दिये जाने का प्राविधान हो।
 दिनांक 24-10-1973 के शासनादेश में यह अंकित है कि 1956 की नियमावली में प्राविधानित होने एवं शासनादेश द्वारा इस विषय में समय- समय पर नियमित स्पष्ट आदेश के बावजूद प्रत्येक सरकारी अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा चल अचल सम्पत्ति का विवरण नियमित प्रेषित नहीं किया जा रहा है। अतः अधिकारियों/कर्मचारियों को नियमित रूप से चल अचल सम्पत्ति के क्रय विक्रय की घोषणा के सम्बन्ध में नियमावली को सुदृृढ़ किया जाना आवश्यक है। 
 नियमावली के प्रस्तर 24 (4) में यह अंकित है कि समुचित प्राधिकारी, सामान्य या विशेष आज्ञा द्वारा, किसी भी समय, किसी भी सरकारी कर्मचारी को यह आदेश दे सकता है कि वह आज्ञा के निर्दिष्ट अवधि के भीतर ऐसी चल या अचल सम्पत्ति का, जो उसके पास अथवा उसके परिवार के किसी सदस्य के पास रही हो या अर्जित की गई हो और जो आज्ञा में निर्दिष्ट हो, एक सम्पूर्ण विवरण पत्र प्रस्तुत करें। यदि समुचित प्राधिकारी ऐसी आज्ञा दे तो ऐसे विवरण पत्र में उन साधनों के या उस प्रसाधन के ब्योरे भी सम्मिलित हों, जिनके द्वारा ऐसी सम्पत्ति अर्जित की गई थी।
उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता के दृृष्टिकोण से यह आवश्यक है कि नियमावली के प्रस्तर 24 (4) के अनुक्रम में पुलिस विभाग में आई0पी0एस0 संवर्ग की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस के पी0 पी0 एस0 संवर्ग एवं अराजपत्रित अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु प्रति वर्ष चल अचल सम्पत्ति के क्रय विक्रय की घोषणा को अनिवार्य किये जाने पर विचार करने हेतु पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 द्वारा आज दिनांक 28.01.2020 को शासन को पत्र लिखा है, जिससे उ0प्र0 पुलिस में सम्पूर्ण शुचिता एवं पारदर्शिता लायी जा सके।