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डी0एस0एम0एन0आर0यू0 में चल रहा सम्मेलन प्लेनरी अधिवेशन के साथ सम्पन्न
February 28, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

- प्री-कान्फे्रंस चित्रकारी प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को किया गया पुरस्कृत
वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 28 फरवरी। डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आज अन्तिम दिन सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ। अन्तिम चरण के आयोजन के दौरान पांच समवर्ती अधिवेशन जिनमें कुल 27 व्याख्यान सहित एक प्लेनरी अधिवेशन सम्पन्न हुआ। दृष्टिबाधितों की शिक्षा एवं पुनर्वास के लिए अुनसंधान एवं नवोन्मेषित अभ्यास की आवश्यकता पर चल रहे इस सम्मेलन में आज डाॅ बृजेश कुमार राय ने पुनः एक बार सबका स्वागत करते हुए सत्र की शुरूआत की। प्रथम सत्र की अध्यक्षता डाॅ एस0के0 श्रीवास्तव (कमीशनर विकलांगता यू0पी0) एवं डाॅ देवेश कटियार (डी0एस0एम0एन0आर0यू0) ने की। इस सत्र में डाॅ जी0एन0 तिवारी (एमीटी यूनिवर्सिटी), डाॅ नीरज शुक्ला (प्राचार्या, बी0एड0 कालेज काशीपुर), डाॅ0 कविता राय (अध्यक्ष विज्ञान एवं प्रबन्धन पी0एस0जी0 कालेज कोयम्बटूर) एवं सुनील कुमार जैन ने दृष्टिबाधितों के व्यवसाय एवं रोजगार अवसर मुहैया कराने को लेकर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किये।
दूसरे सत्र में वर्तमान परिदृष्टि में दृष्टिबाधितों के पुनर्वास पर व्याख्यान प्रस्तुत किये गये। इस सत्र की अध्यक्षता प्रो0 सारा बेगम (विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष, शिक्षक प्रशिक्षण एवं विभाग जामिया मिलिया इस्लामियां, नई दिल्ली) एवं डाॅ आशुतोष पाण्डेय, प्रो0 सांइस विभाग (डी0एस0एम0एन0आर0यू0) ने की। इस दौरान रजत श्रीवास्तव, शैलेन्द्र कुमार सोनकर आदि ने व्याख्यान प्रस्तुत किये। अन्य सत्रों में डाॅ0 जे0पी0 सिंह (पूर्व सदस्य सचिव आर0सी0आई0), डाॅ विनोद कटियार विभागाध्यक्ष आई0टी0 विभाग (डी0एस0एम0एन0आर0यू0), प्रो0 अवनीश चन्द्र मिश्रा (इतिहास विभाग डी0एस0एम0एन0आर0यू0), श्री टी0डी0 घरियाल (पूर्व सदस्य सचिव आर0सी0आई), प्रो0 रजनी रंजन सिंह (शिक्षा विभाग डी0एस0एम0एन0आर0यू0 डाॅ दुस्यन्त त्यागी, अखिलेन्द्र कुमार पूर्व डिप्टी कमिश्नर विकलांगता उ0प्र0), प्रो0 शौफाली यादव (विभागाध्यक्ष एवं सकांयाध्यक्ष कानून विभाग डी0एस0एम0एन0आर0यू0) एवं डाॅ0 योगेन्द्र पाण्डेय (बी0एच0यू0) ने अध्यक्षता की। सभी सत्र काफी प्रेरण पूर्ण एवं प्रभावी रहे।
     समापन समारोह में मुख्य अतिथि के प्रो0 विनय कुमार पाठक (कुलपति अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी उ0प्र0) साथ डाॅ जे0पी0 सिंह (पूर्व सदस्य सचिव आर0सी0आई0), डाॅ0 अगस्त इन्द्रा उद्यान, (पद्मश्री, गांधी पुरी आश्रम इन्डोनेशिया के संस्थापक), डाॅ0 वी0के0 सिंह (संकायाध्यक्ष विशेष शिक्षा), डाॅ0 विजय शंकर शर्मा, (कार्यक्रम समन्वयक) मंच पर उपस्थित थे। समापन समारोह में समस्त प्रतिभागी, व्याख्याता, इलेक्ट्रानिक मीडिया आयोजन मण्डली के सदस्य सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, अधिकारी गण, कर्मचारी गण एवं छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की। समारोह के प्रारम्भ में डाॅ0 विजय शंकर शर्मा ने तीन दिनों के समस्त क्रिया कलापों का सम्पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया। इन्होनें यह भी बताया की इस आयोजन की नींव ढेड साल पहले रखी गयी थी, जिसका उद्देश्य दृष्टिबाधितों के शिक्षा एवं पुनर्वास पर देश-विदेश में हो रहे अनुसंधान की चर्चा तथा अपने देश के शैक्षिक परिदृश्य में वैश्विक नीतियों को आत्मसात करना था। उन्होनें यह भी दोहराया की इस आयोजन में देश ही नहीं विश्व भर से व्याख्याता एवं प्रतिभागी उपस्थित हुये साथ ही उनका धन्यवाद ज्ञापन भी किया। उन्होनें प्री-कान्फे्रसं चित्रकारी प्रतियोगिता के प्रतिभागियों के कार्यों की सराहना की, जिन्होनें अपने मन के भावों का खूबसूरत चित्रण प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता में कुल 40 दृष्टिबाधित बच्चों ने भाग लिया था, जिनमें कम दृष्टि वर्ग में पांच प्रतिभागियों (क्रमश श्रधा तिवारी, रू 2500, सम्राट वर्मा रू0 1500, रचना देवी रू0 1100, नीतेश कुमार एवं कुमारी शिखा यादव को रू0 500) एवं पूर्ण दृष्टिबाधित वर्ग में पांच प्रतिभागियों (क्रमशः राम प्रकाश जोशी, रू 2500, हिमांशु श्रीवास्तव रू0 1500, कन्हैया लाल रू0 1100 तुलसी राम एवं प्रयंका उपाध्याय को रू0 500) को पुरस्कार राशि एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।
      इसके बाद पूर्व सदस्य सचिव, डाॅ0 जे0पी0 सिंह ने इस आयोजन की प्रसंशा की एवं इसे शैक्षिक एवं आनंदप्रद बताया। उन्होनें यह भी कहा की जितने अच्छे सलाह एवं शोध उभरकर सामने आयें हैं, उनपर आगे चलकर अमल करने की आवश्यकता है, जोकि इस विश्वविद्यालय प्रारंगण में ही सम्भव हो सकता है और इस तरह के आयोजन विश्वविद्यालय को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिये प्रेरित करते हैं। उन्होनें इसके लिए समस्त विश्वविद्यालय परिवार की सराहना भी की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रो0 वी0के0 पाठक ने विश्वविद्यालय को एकदम अनोखा बताया एवं सुविधाओं में भी इस तरह के आयोजन की सराहना की। उन्होनें यह भी कहा की उचित तकनीक के माध्यम से दिव्यांगों का विकास सम्भव हो सकता है। वर्तमान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेन्स के जरिये दिव्यांगों के हर समस्या का समाधान किया जा सकता है लेकिन इसके लिये ट्रान्सडिसिप्लिनरी एप्रेच की आवश्यकता है। इस दिशा में उपयुक्त कार्य के लिए विश्वविद्यालय को एम0ओ0यू0 के जरिये तकनीकी सहायता का आश्वासन भी दिया।
     अन्त में इन्डोनेशिया से पधारे पद्मश्री अगस्त इन्द्रा उद्यान ने इस आयोजन को काफी प्रभावकारी एवं प्रेरणापद बताते हुये समस्त आयोजकों एवं विश्वविद्यालय परिवार की सरहना की। उन्होनें देश विदेश से आये सभी व्याख्याता एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद किया जिन्होनें इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीन दिनों तक चले इस अन्तर्राष्ट्रीय आयोजन में लोगों ने पूर्ण रूप से आनंद एवं शिक्षा की अनुभूति की।