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चकबंदी विभाग कर्मचारियो के अन्याय से क्षुब्ध महिला ने मिट्टी का तेल डालकर किया आत्महत्या का प्रयास
July 27, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

- पुलिस व चकबंदी कर्मचारियों द्वारा गुमटी पटलटने से क्षुब्द महिला ने स्वयं पर डाला तेल,  पुलिस ने सीएचसी0 मे कराया भर्ती

वेबवार्ता (न्यूज़ एजेंसी)/एसके सोनी
रायबरेली 27 जुलाई। कहते है जो होता है वह दिखता नही और जो दिखता है वह होता नहीं,  साहब सब गलत जांच, फर्जी कागजात तैयार करवा कर आजकल के रसूखदार प्रशासन को अपने फेेेवर में लेेेकर किसी की भी जमीन पर  कब्जा दिखा सकते हैं। वही मामलों में सच्च्चाई कुछ और होती है। यह उस पीड़ित  महिला ने बयां किया जिसके परिवार की रोजी-रोटी चलाने वाली  छोटी सी छोटी-सी गुमटी को प्रशाशन के नुमाइंदों ने फेेेकवा दिया। 
    जानकारी के अनुसार थाना गुरबख्शगंज के अन्तर्गत ग्राम सेनी निवासी दुर्गा शर्मा पुत्र स्वर्गीय चन्द्रपाल शर्मा साग सब्जी का धन्धा कर अपना परिवार चलाता है। लाकडाउन के चलते बाजारो मे दुकान ना लग पाने से वह प्राथमिक विद्यालय के पास सड़क किनारे गुमटी रखकर अपना धन्धा कर रहा था। गाँव के ही राजेश कुमार मिश्र पुत्र तेज शंकर मिश्र आए दिन लेखपाल को लेकर गुमटी उठवाने का दबाव बनाते रहे और यह कहते रहे कि यह हमारी भूमि धरी जमीन मे है। पीड़ित दुर्गा प्रसाद ने बताया कि राजेश कुमार ने फर्जी तरीके से एक दलित की जमीन अपनी पत्नी सुधा देवी के नाम वरासत करा ली है और आज लेखपाल रोमी सिंह व अनिल चौधरी पुलिस बल लेकर गाँव आए और प्रार्थी कि गुमटी विपक्षी लोगो के द्वारा उठवाकर फेंकवा दिया। इसके एक सप्ताह पूर्व लेखपाल कानूनगो व नायब को बुलाकर प्रतिपक्षीगणो ने उनकी मौजूदगी मे प्रार्थी के परिवार के साथ अभद्रता की थी। प्रार्थी ने इसकी सूचना भी थानाध्यक्ष को स्वयं थाने पर दिया था। यदि चकबन्दी विभाग के कर्मचारियों द्वारा न्याय किया गया होता तो शायद पीड़ित की पत्नी राजकुमारी शर्मा द्वारा मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या का प्रयास न किया जाता।

इनसेट

काश सही समय सही न्याय देदे गुरुबक्सगंज पुलिस तो मजदूर चक्कर न काटे

रायबरेली। अगर पुलिस सही न्याय करें तो शायद फरियादियों को थाने के चक्कर ही नहीं, पुलिस अधीक्षक की भी चौखट तक ना पहुंचना पड़े। इस लॉक डाउन के बाद हजारों प्रवासी मजदूर अपने घरों की ओर पलायन कर चुके है। घर पहुंचने के बाद इन मजदूरों के आगे रोजी-रोटी का संकट भी खड़ा हो गया क्योंकि ज्यादातर प्रवासी मजदूरों की काम की सैलरी, भट्टों की मजदूरी फस गई। लेकिन ज्यादातर भट्टों में काम करने वाले श्रमिक अपने क्षेत्रीय ठेकेदारों के घरों के चक्कर काटते काटते थक चुके है। आखिरकार ठेकेदारों से तंग श्रमिक अब थाने के चक्कर काटने को मजबूर है ऐसा ही एक मामला गुरबक्श गंज थाना क्षेत्र ने प्रकाश में आया  जहां आशू पुत्र काली शंकर नाम का ठेकेदार क्षेत्र से सैकड़ों मजदूरों को लेकर हरियाणा के भट्टों में कार्य करवाया लेकिन लॉकडाउन के बाद अब यही मजदूर पैसों के लिए ठेकेदार व पुलिस की चौखटो के चक्कर काट रहे हैं। पुलिस उन गरीब मजदूरों का पैसा दिलवाने में असमर्थ साबित हो रही है और आजकल के चक्कर में गरीब महीनों से चक्कर काट रहे हैं पीड़ित ने गुरुबक्सगंज थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई है।