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अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि कोरोना संक्रमण तथा मेडिकल इन्फेक्शन को रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए
April 28, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 28 अप्रैल। अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज लोक भवन स्थित मीडिया सेन्टर में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोरोना संक्रमण तथा मेडिकल इन्फेक्शन को रोकने के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। उन्होंने बायो-मेडिकल वेस्ट का उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि जनपद स्तर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नर्सिंग होम के संचालकों तथा अन्य डाॅक्टरों के साथ बैठक करते हुए टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सीय परामर्श उपलब्ध कराने वाले डाॅक्टरों की व्यवस्था करें। उन्हांेने निर्देश दिये हैं कि दूरभाष पर मरीजों को परामर्श देने वाले डाॅक्टरों की सूची का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। प्रत्येक जनपद में 15,000 से 25,000 क्षमता के क्वारंटीन सेण्टर तथा आश्रय स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शेल्टर होम में 14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरा करने वालों का चिकित्सीय परीक्षण कराके होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। मेडिकल टेस्टिंग के लिए पूल टेस्टिंग व रैण्डम टेस्टिंग का उपयोग किया जाए। जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी एल-1, एल-2 तथा एल-3 कोविड चिकित्सालयों, शेल्टर होम व क्वारंटीन सेन्टर का निरीक्षण करें। शेल्टर होम व क्वारंटीन सेन्टर की फूडिंग लाॅजिंग व्यवस्था पर नजर रखी जाए। उन्होेंने कहा है कि शेल्टर होम को जियो टैग किया जाए। 
    श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि एल-1, एल-2 अस्पतालों में आॅक्सीजन की सुचारु व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाए। एल-1 श्रेणी के कोविड अस्पतालों की संख्या में वृद्धि की जाए। एल-3 कोविड अस्पतालों में बेड्स बढ़ाये जाएं। सभी चिकित्सालयों में पी0पी0ई0 किट तथा एन-95 मास्क की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। टेस्टिंग क्षमता मंे वृद्धि की जाए। सभी टेस्टिंग लैब्स में पूल टेस्टिंग की व्यवस्था उपलब्ध करायी जाए। सैम्पल लेने वालों को प्रोटोकाॅल के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाए। टेस्टिंग क्षमता में वृद्धि के दृष्टिगत वैश्विक स्तर पर टेक्नोलाॅजी प्राप्त करने पर विचार किया जाए। प्रयागराज से वापस भेजे जा रहे प्रतियोगी छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा है कि अन्य प्रदेशों में इस बात का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए कि उत्तर प्रदेश मूल के निवासी वहां के जिला प्रशासन से सम्पर्क स्थापित करें ताकि उन्हें वापस लाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जा सके। जनपद वाराणसी, हापुड़, रामपुर, मुजफ्फरनगर तथा अलीगढ़ में वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस एवं स्वास्थ्य अधिकारी भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रीन जोन तथा ओरंेज जोन में अनुमन्य की जाने वाली गतिविधियों के लिए एक कार्य योजना बनायी जाए। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को मास्क आदि के निर्माण कार्य से जोड़ा जाएगा।
    श्री अवस्थी ने बताया कि निर्माण सामग्री यथा ईंट, बालू, मौरंग, गिट्टी, सरिया आदि के परिवहन पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने लाॅकडाउन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि सोशल डिस्टेंसिंग पर विशेष ध्यान दिया जाए। पुलिस द्वारा नियमित तौर पर पेट्रोलिंग की जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि हाॅटस्पाट क्षेत्रों में केवल स्वास्थ्य, सफाई तथा होम डिलीवरी से जुड़े कर्मी ही जाएं। हाॅटस्पाट क्षेत्रों में सभी घरों को सेनेटाइज किया जाए। उन्होंने कहा है कि वर्तमान फसल कटाई के समय में बड़ी मात्रा में भूसा उपलब्ध रहता है। इसके दृष्टिगत निराश्रित गोवंश के लिए गोवंश आश्रय स्थलों पर भूसा बैंक स्थापित किया जाए। 
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश के हाॅटस्पाॅट क्षेत्रों को छोड़कर वर्तमान में 7,425 औद्योगिक इकाईयों को क्रियाशील किया गया है, जिनमें लगभग 1.33 लाख श्रमिक कार्यरत है। यूपीडा द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना पर 5141 श्रमिक, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना में 4481 श्रमिक व गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना में 502 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा 225 कार्यों को प्रारम्भ किया गया है, जिसमें 4851 श्रमिक कार्यरत है। ग्रामीण पेयजल आपूर्ति की 78 परियोजनाओं का कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है, जिसमें 666 श्रमिक कार्य कर रहे हैं। 32,345 कामन सर्विस सेन्टर में 64690 व्यक्ति कार्यरत है। प्रदेश में कार्यशील 12,027 ईंट-भट्ठों पर लगभग 12 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। मनरेगा के श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। 24,567 ग्राम पंचायतों में संचालित परियोजनाओं में 6,25,361 अकुशल श्रमिक कार्यरत हैं और 51919 कार्य मस्टररोल पर प्रारम्भ हो चुके हैं। वर्तमान पेराई सत्र में 38 चीनी मिलों ने आवंटित क्षेत्र में समस्त गन्ने की पेराई कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि इस सत्र में अब तक लगभग 16,689 करोड़ रूपए का गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जा चुका है। 
    प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के समस्त जनपदों में इन्फेक्शन प्रिवेन्शन प्रोटोकाॅल का अनुपालन सुनिश्चित किये जाने हेतु अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर दी गई है, जिसमें डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, आईएमए एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल हैं। प्रदेश के 60 जिलों से अब तक 2043 कोरोना पाॅजिटिव के मामले सामने आए हैं, जिसमें से 53 जनपदों में 1612 मामले एक्टिव हैं। प्रदेश के 15 जनपदों में कोरोना संक्रमण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है तथा वर्तमान में 07 जनपद कोरोना संक्रमण से मुक्त हो गये हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 400 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। प्रदेश में अब तक लगभग 64 हजार लोगों के सैम्पल टेस्ट किये गये हैं। 1764 लोगों को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है, कोई भी मरीज वेंटीलेटर पर नहीं है। 11,725 लोगों को फैसिलिटी क्वारेंटाइन में रखा गया है।- अमित कुमार शुक्ला/ अभिषेक सिंह/जयेन्द्र सिंह