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औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करते हुए अन्य कारोबारी गतिविधियों का संचालन जरूरी - अवनीश कुमार अवस्थी
June 27, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

 

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 27 जून। उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज यहां लोक भवन में प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के 20 हजार टेस्ट प्रतिदिन की क्षमता अर्जित करने पर संतोष व्यक्त करते हुए इसमें लगातार वृद्धि किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ज्यादा से ज्यादा सैम्पल संग्रहित करते हुए तेज गति से किया जाने वाला टेस्टिंग कार्य कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कराए जाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा है कि अनलाॅक व्यवस्था में पूरी सावधानी बरतते हुए औद्योगिक, वाणिज्यिक एवं अन्य कारोबारी गतिविधियों का संचालन जरूरी है। इसके दृष्टिगत औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना कार्यरत लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कोविड-19 के 25000 टेस्ट प्रतिदिन करने के निर्देश दिए हैं।
          श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि उद्योग में यह भी सुनिश्चित हो कि जहां 05 अथवा उससे अधिक व्यक्ति कार्यरत है, वहां मेडिकल स्क्रीनिंग की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहे। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन कड़ाई से कराया जाए। उद्योग क्षेत्र में संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों की नियमित माॅनिटरिंग की जाए। उन्होंने ऐसे समस्त स्थानों पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश दिए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग आते हों। उन्होंने बताया कि सभी जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना हो गई है। मुख्यमंत्री ने मेरठ मण्डल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यहां कोविड-19 की चेन को तोड़ने के लिए सर्विलांस कार्यों में तेजी लाते हुए लोगों को जागरूक किया जाए। मेरठ मण्डल में 01 से 07 जुलाई, 2020 की अवधि में एक विशेष कार्यक्रम संचालित किया जाए। ग्राम पंचायत तथा वाॅर्ड स्तर पर संचालित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर मेडिकल स्क्रीनिंग की जाए। इसके लिए मीडिकल स्क्रीनिंग टीम को इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा पल्स आॅक्सीमीटर उपलब्ध कराया जाए। मेडिकल स्क्रीनिंग में लक्षणों के आधार पर संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों का रैपिड एन्टीजन टेस्ट कराया जाए। संक्रमित होने की दशा में ऐसे व्यक्तियों को उपचार के लिए कोविड चिकित्सालय में भर्ती किया जाए।
      श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मेरठ मण्डियों, दुकानों आदि सहित सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों/संस्थानों में संक्रमण से बचाव की कार्यवाही संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि मण्डल में समस्त जनपदों में कोविड अस्पतालों की क्षमता विस्तार का कार्य प्राथमिकता पर किया जाए। सभी प्रमुख स्थानों, बाजारों, चैराहों आदि पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाए। कन्टेनमेंट जोन में डोर स्टेप डिलिवरी व्यवस्था को सुचारु ढंग से संचालित किया जाए। उन्होंने नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग तथा पंचायतीराज विभाग को मेरठ मण्डल में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं कि कोविड-19 से होने वाली मृत्यु को रोकने में पल्स आॅक्सीमीटर की अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका है। इस मेडिकल उपकरण के माध्यम से आॅक्सीजन के स्तर की जानकारी मिलती है। निर्धारित स्तर से कम आॅक्सीजन वाले रोगियों को समय से आॅक्सीजन उपलब्ध कराकर उनकी जीवन रक्षा की जा सकती है। उन्होंने पल्स आॅक्सीमीटर के उपयोग के प्रति जागरूकता सृजित किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए संक्रमण से बचाव हेतु नया प्लान बनाया जाय।
        श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड-19 से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार लगातार जारी रखा जाए। टेलीविजन, रेडियो, समाचार पत्र तथा पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि का उपयोग करते हुए लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रहने की जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इस सम्बन्ध में जगह-जगह पोस्टर तथा बैनर भी लगाए जाएं। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सेनिटाइजेशन के कार्य को निरन्तर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए टीकाकरण का कार्यक्रम तेजी से चलाया जाए। 
       श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में मनरेगा की तरह 56,659 ग्राम पंचायतों में 62,25,087 श्रमिकों को कार्य देकर 2283 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है जो देश में सबसे अधिक है। श्री अवस्थी ने बताया कि आज यूपी बोर्ड की हाईस्कूल/इण्टरमीडिएट का परीक्षाफल घोषित किया गया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने उप मुख्यमंत्री और उनकी टीम तथा मेधावी छात्र/छात्राओं को उत्तीर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस कोरोना काल में भी समय से परीक्षाफल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल बोर्ड में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रिया जैन, श्रीराम एस0एम0 इण्टर काॅलेज बागपत, द्वितीय स्थान पर अभिमन्यु वर्मा, श्री सांई इण्टर काॅलेज लखफेराबाद बाराबंकी तथा तृतीय स्थान पर योगेश प्रताप सिंह, सद्भावना इण्टर काॅलेज जीवल बाराबंकी रहे तथा इण्टरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान पर अनुराग मलिक, श्री राम एस0एम0 इण्टर काॅलेज बागपत, द्वितीय स्थान पर प्रांजल सिंह, एस0पी0 इण्टर काॅलेज शिकारो कोरांव प्रयागराज तथा तृतीय स्थान पर उत्कर्ष शुक्ला, श्री गोपाल इण्टर काॅलेज औरैया रहे।
       श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1658 श्रमिक स्पेशल ट्रेन ें आ चुकी हैं। आज 02 टेªन कर्नाटक, त्रिपुरा से प्रदेश में आ रही हैं। उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के ईंट भट्ठा श्रमिक जो प्रदेश में कार्य कर रहे थे उनको उनके राज्य में भेजे जाने की व्यवस्था प्रदेश सरकार द्वारा की गयी है। प्रदेश सरकार द्वारा अब तक अन्य राज्यों के ईंट भट्टा श्रमिकों को 82 ट्रेन के माध्यम से 1,42,767 ईंट भट्टा श्रमिकों को सकुशल, सुरक्षित रूप से ससम्मान उनके घर भेजा जा चुका है। इनमें 19 ट्रेनों के माध्यम से 33,990 श्रमिकों को छत्तीसगढ़, 55 ट्रेनों के माध्यम से 94,473 श्रमिकों को बिहार, 05 ट्रेनों के माध्यम से 8,751 श्रमिकों को उड़ीसा व 03 ट्रेन के माध्यम से 5,553 श्रमिकों को झारखण्ड राज्य में भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि एक ट्रेन अमरोहा से बिहार ईंट भट्टा श्रमिकों को लेकर जायेगी। उन्होंने बताया कि कल प्रदेश में लगभग 7000 बसें चलाई गई जिसमें 7,12,000 लोगों ने यात्रा की।
         अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कल एक दिन में 20,028 सैम्पल की जांच की गयी। जो अब तक का एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 6,63,096 सैम्पल की जांच की गयी है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 6,684 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 14,215 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब डिस्चार्ज का प्रतिशत 65.96 है। उन्होंने बताया कि पूल टेस्ट के अन्तर्गत कुल 1912 पूल की जांच की गयी, जिसमें 1727 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 185 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी। 
         श्री प्रसाद ने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 18,85,893 लाख कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया। जिसमें से 1648 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण मिले। उन्होंने बताया कि ग्राम एवं मोहल्ला निगरानी समितियों के द्वारा निगरानी का कार्य सक्रियता से किया जा रहा है। अब तक 1,47,989 सर्विलांस टीम द्वारा 1,08,61,843 घरों के 5,54,24,188 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 93,514 लोगों को कन्ट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एन्टीजन टेस्ट मेरठ मण्डल के 06 जनपद सहित, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज तथा वाराणसी में शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि कानपुर में आज से एन्टीजन टेस्ट शुरू किया जायेगा। उन्होंने बताया कि 10 जनपदों में एन्टीजन टेस्ट की रिपोर्ट आ गई है जिसमें 826 टेस्ट में 26 लोग कोविड-19 संक्रमित पाये गये, जिनको भर्ती कराकर इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एक अनूठी पहल की जा रही है, क्राउडसोर्सिग आइडिया के माध्यम से लोगों को प्रेरित करने हेतु कोविड-19 के सम्बंध में वो अपना 1-1 वीडियो अपलोड करें, जिसमें से 100 अच्छे वीडियो सलेक्ट किया जायेगा, और उनको 10-10 हजार रूपए का पुरस्कार भी दिया जायेगा। इसी प्रकार 150 शब्दों में लोगों से कोविड-19 के बचाव हेतु उनके विचार मांगे जाएंगे और 10 अच्छे विचार वाले लोगों को 10-10 हजार रूपए का पुरस्कार भी दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में विज्ञापन भी जारी किया जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 5 जुलाई, 2020 से एक कोविड का अभियान चलाया जायेगा और इसमें टीमें राजस्व ग्राम और शहरों में घर-घर जाकर सर्वे करेगी और लोगों से स्वास्थ्य सम्बंधी जानकारी ली जायेगी।- संजय कुमार/इंजेश सिंह/धर्मवीर खरे