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10 जनपद कोरोना मुक्त,अब तक 3.06 करोड़ राशन कार्ड पर खाद्यान्न वितरित - अवनीश कुमार अवस्थी
April 22, 2020 • AMIT VERMA • उत्तर प्रदेश

- प्रदेश में कोरोना के 1226 मामले एक्टिव, अब तक 165 लोग उपचारित होकर हुए डिस्चार्ज : अमित मोहन प्रसाद

वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 22 अप्रैल। अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने आज लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण प्रभावित पीलीभीत, हाथरस, महराजगंज, लखीमपुर खीरी, बरेली, प्रयागराज, बाराबंकी, शाहजहांपुर, हरदोई और कौशाम्बी सहित कुल 10 जनपद कोरोना मुक्त हो चुके हैं।  22 जिले पहले से ही कोरोना मुक्त हैं। इस प्रकार वर्तमान में प्रदेश के कुल 32 जनपद कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं कि कोरोना संक्रमण से मुक्त जनपदों में भी पूरी सतर्कता एवं सभी सावधानियां बरती जाये और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी दशा में सुरक्षा चक्र टूटने न पाये। 
श्री अवस्थी ने बताया कि प्रदेश में 12,02र्7 इंट भट्ठों में लगभग 12 से 15 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। 6,980 औद्योगिक इकाइयों में लगभग 1.25 लाख लोग काम कर रहे हैं। 119 चीनी मिलों में लगभग 60 हजार मजदूरों को काम मिला है। मनरेगा के श्रमिकों को कार्य मिला है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि भारत सरकार के दिशा-निर्देशों तथा शासन के नियमों का पालन करते हुए कोरोना से अप्रभावित जनपदों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन कराया जाए। परियोजनाओं के उपयोगार्थ विभिन्न प्रकार की निर्माण सामग्री के आवागमन की अनुमति दी जाए। इसके तहत भट्ठों से ईंट तथा बालू, मोरंग तथा सरिया को अनुमति दी जाए। निर्यातपरक इकाइयों से निर्यात हेतु कन्टेनर के माध्यम से इनके उत्पाद का आवागमन भी मंजूर किया जाए। विभिन्न राज्यों से प्रदेश में वापस आए श्रमिकों का सर्वे कराते हुए उन्हें रोजगार सुलभ कराने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसानों को अपनी उपज के विक्रय में कोई असुविधा न हो। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य अवश्य प्राप्त हो। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी व्यक्ति को खाद्यान्न का अभाव न हो। श्री अवस्थी ने बताया कि 3.5 करोड़ राशन कार्ड के सापेक्ष अब तक  3.06 करोड़ राशन कार्ड पर खाद्यान्न वितरित हो गया है। साथ ही, 2.5 लाख नये राशन कार्ड बनाते हुए खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक 77 प्रतिशत फसल की कटाई हो गयी है। अब तक मण्डियांे व क्रय केन्द्रों के माध्यम से 30 लाख कुन्टल से अधिक गेहूं की खरीद हो चुकी है। इसमें से लगभग 62 प्रतिशत खरीददारी किसानों के डोर स्टेप पर हुई है। ऐसा प्रदेश में पहली बार हुआ है। प्रदेश में लम्बे समय के बाद पहली बार गन्ना व गेहंू की कटाई में श्रमिकों की उपलब्धता के सम्बन्ध में कोई दिक्कत नहीं है।
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि लाॅक डाउन का मतलब टोटल लाॅक डाउन है। इसलिए लाॅक डाउन का सख्ती से शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराया जाए। लाॅक डाउन का उल्लंघन अथवा दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। समस्त गतिविधियों में प्रत्येक दशा में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित किया जाये। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं कि लाॅक डाउन अवधि में आवश्यक सामग्री की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। किसी को भी सप्लाई चेन व्यवस्था के दुरुपयोग की अनुमति नहीं है। सप्लाई चेन में लगे लोगों की भी मेडिकल जांच की जाए। जिला प्रशासन संस्थाओं द्वारा कम्युनिटी किचन के माध्यम से उपलब्ध कराये जा रहे भोजन की जांच करें। 
श्री अवस्थी ने बताया कि टेस्टिंग लैब की क्षमता को तेजी से बढ़ाये जाने पर बल देते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर एक टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए जिससे अधिक संख्या में टेस्टिंग सम्भव हो सके। अलीगढ़, सहारनपुर तथा मुरादाबाद संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इसलिए इनके मण्डलीय चिकित्सालय में टेस्टिंग लैब स्थापित की जाए। जांच कार्य में तेजी लाने के लिए अधिक से अधिक मेडिकल टेक्नीशियनों की टेªनिंग कराई जाए। जांच प्रयोगशालाओं के उपकरणों को दुरुस्त रखा जाए। मुख्यमंत्री जी ने सभी पेन्डिंग सेम्पल की शीघ्र जांच कराने तथा संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी मानकों व दिशा-निर्देशों का पालन न कर मेडिकल इन्फेक्शन फैलाने वाले निजी चिकित्सालयों को सील कर कार्यवाही की जाये। निजी अस्पतालों तथा मेडिकल काॅलेजों द्वारा संक्रमण से सुरक्षा के लिए अपनायी जा रही व्यवस्था का पर्यवेक्षण प्रदेश सरकार के एक मेडिकल आॅफिसर द्वारा कराया जाये। प्रत्येक आइसोलेशन बेड पर रोगी के लिए आॅक्सीजन की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होने चाहिए। प्रत्येक 10 बेड पर वेंटीलेटर की सुविधा उपलब्ध होनी चाहिए। एल-1, एल-2 तथा एल-3 श्रेणी के अस्पतालों में चिकित्सा उपकरणों व अन्य संसाधनों की व्यवस्था तथा टेस्टिंग लैब की स्थापना के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री का पीड़ित सहायता कोष-कोविड केयर फण्ड’ बनाया गया है। फण्ड में उपलब्ध धनराशि से चिकित्सा उपकरण आदि की व्यवस्था प्राथमिकता पर सुनिश्चित की जाए। 
श्री अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि लाॅक डाउन के कारण अन्य राज्यों के प्रदेश में फंसे लोगों को यदि उनके गृह राज्य की सरकार वापस बुलाने का निर्णय लेगी तो प्रदेश सरकार इसकी अनुमति प्रदान करते हुए ऐसे लोगों को वापस भेजने में सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए हैं कि रमजान का महीना प्रारम्भ हो रहा है, इस अवधि में विशेष सावधानी बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सहरी व इफ्तारी के समय किसी भी प्रकार से भीड़ एकत्र न होने पाए। शेल्टर होम्स से घर भेजे गए लोगों तथा कोटा से प्रदेश वापस लौटे बच्चों को होम क्वारंटीन का पालन करने के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन ‘1076’ के माध्यम से अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री जी किसी दिन स्वयं कोटा से प्रदेश वापस आए बच्चों से बात कर इनकी कुशलक्षेम प्राप्त करेंगे। 
प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 10 जनपद कोरोना संक्रमण शून्य हो गये हैं। प्रदेश के 53 जिलों से अब तक 1,412 कोरोना पाॅजिटिव के मामले सामने आए हैं, जिसमें से 43 जनपदों में 1,226 मामले एक्टिव हैं। अब तक 165 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। अब तक 37,490 लोगों के सैम्पल टेस्ट किये गये जिसमें से 36,078 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि लखनऊ के केजीएमयू के बाद अब मेरठ एवं इटावा मेडिकल काॅलेज में भी पूल टेस्टिंग का कार्य प्रारम्भ हो गया है। कल लखनऊ में 200, मेरठ में 200 व इटावा में 180 सैम्पल की पूल टेस्टिंग की गई। शीघ्र ही प्रयागराज एवं झांसी मेडिकल काॅलेज में भी पूल टेस्टिंग का कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। उन्होंने बताया कि कोरोना से संक्रमित मरीजों में 0-20 आयु वर्ग के 19.51 प्रतिशत, 21-40 आयु वर्ग के 47.49 प्रतिशत, 41-60 आयु वर्ग के 24.66 प्रतिशत तथा 60 वर्ष से ऊपर आयु वर्ग के 8.34 प्रतिशत लोग हैं।- अमित शुक्ला/जयेन्द्र सिंह/इंजेश सिंह